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बीएचयू: प्रोफेसर एक कक्ष में एक समय पर जांचेंगे परीक्षा की कॉपियां, रिजल्ट में देरी की समस्या पर लगेगा ब्रेक

Thu, 20 Nov 2025 05:39 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू के प्रोफेसर एक कक्ष में एक समय पर परीक्षा की कॉपियां जांचेंगे। इससे रिजल्ट में देरी की समस्या पर ब्रेक लगेगा। कॉपियों का केंद्रीय मूल्यांकन शुरू किया जाएगा।
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के प्रोफेसर भी अब बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर एक साथ, एक कक्ष और एक समय में सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियां जाचेंगे। रिजल्ट में देरी और शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रीय मूल्यांकन की ये व्यवस्था की जा रही है। कला और सामाजिक विज्ञान समेत कुछ संकायों की ओर से ये व्यवस्था कर दी गई है।

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अब कॉपियों के जांचने की प्रक्रिया केंद्रीय व्यवस्था के तहत होगी। हालांकि इससे कई प्रोफेसरों को इसके लिए अलग से समय देना होगा। जबकि अभी तक विभाग से लेकर कार और घर आदि हर जगह कॉपी जांचने की स्वतंत्रता थी जो कि अब नहीं होगी। संकाय की ओर से निर्धारित कक्ष या हॉल में रोजाना आकर कॉपियों जांचनी होगी।

बीएचयू के ही कई प्रोफेसरों का मानना है कि कई बार ऐसी शिकायत होती है कि प्रोफेसर के अलावा कोई पीएचडी छात्र ही कॉपी जांच रहा है। वहीं कई बार ऐसा होना छात्र की ट्रेनिंग का भी हिस्सा होता है। वहीं कई प्रोफेसरों को लेकर ऐसी स्थिति थी कि कॉपियों को जांचकर अंक सबमिट करने में देर कर देते थे जिसके चलते रिजल्ट देर में जारी होता था। ऐसे में केंद्रीय मूल्यांकन की व्यवस्था काफी कारगर मानी जा रही है। अब किस दिन कॉपी मिली, किस दिन चेक किया और कब पूरा किया यह सब कुछ जांचा जाएगा। इससे रिजल्ट समय से जारी कर दिया जाएगा।

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अब सिर्फ यूजी-पीजी कॉपियों का ही पुनर्मूल्यांकन

बीएचयू में कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन की नई व्यवस्था अपनाई जाएगी। स्नातक और परा स्नातक कोर्स के ही थ्योरी पेपर की परीक्षा में कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन की व्यवस्था होगी। वहीं यूजी व पीजी में फुल टाइम और पार्ट टाइम डिप्लोमा सहित सर्टिफिकेट और पीएचडी कोर्स में उत्तर पुस्तिकाओं में पुनर्मूल्यांकन की सुविधा खत्म की जा सकती है। अभी तक बीएचयू में फुल टाइम यूजी, पीजी डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा सहित सर्टिफिकेट कोर्स में थ्योरी कॉपियों की भी दोबारा जांच करवाई जा सकती थी। यहीं नहीं प्रैक्टिकल पेपर, डिजर्टेशन, असाइनमेंट्स और प्रोजेक्ट वर्क में भी दोबारा जांच और मूल्यांकन की व्यवस्था बंद की जाएगी।
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