विज्ञान का प्रसार मातृभाषा में हो : कुलपति प्रो. चतुर्वेदी
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि मातृभाषा में विज्ञान का प्रसार ही समाज में वैज्ञानिक विचारों को विकसित करता है। विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रो. वर्मा जैसे शिक्षक का बीएचयू के प्रांगण में होना विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है। निदेशक प्रो. संजय कुमार और प्रो. मधु तपाड़िया ने छात्र और छात्राओं से संवाद कर प्रो. वर्मा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
अचिंत्य 5.0 : महिला विशेषांक का हुआ लोकार्पण
इस दौरान जंतु विज्ञान की ओर से प्रकाशित विज्ञान पत्रिका अचिंत्य 5.0: महिला विशेषांक का लोकार्पण किया गया। इसका तीन भाषाओं बांग्ला, तमिल और अंग्रेजी भी अनुवाद किया गया है। हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से आयोजन समिति के सदस्य डॉ. चंद्रशेखर पति त्रिपाठी और ज्ञान लैब के प्रमुख प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे मौजूद रहे।
एआई नहीं दिमाग इस्तेमाल करो, इसके पास सबका जवाब है : प्रो. एचसी वर्मा ने एआई को घेरा, कहा कि आपके दिमाग को ये कुंद बना रहे हैं। हर चीज का जवाब एआई के पास आपके दिमाग के पास भी है। उसका ज्यादा इस्तेमाल करें नहीं एआई नुकसानदेह साबित होगा। प्रकृति के नियमों को समझने में जेंडर कभी बाधा नहीं रहा। विज्ञान रटने की नहीं, बल्कि प्रकृति को महसूस करने और सवाल पूछने की विधा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप किताबों से बाहर निकलिए और अपने आसपास की दुनिया को भौतिकी के चश्मे से देखिए। सीखना खुद से है। किसी के दबाव में नहीं। अपनी शक्तियों को कभी कम करके न आंकें और पैकेज के पीछे न भागें।