डिस्टेंस लर्निंग की डिग्री ले चुके अभ्यर्थियों को भी पीएचडी में प्रवेश दिया जाएगा। इसमें इग्नू और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। डिस्टेंस लर्निंग से पीजी कर चुके अभ्यर्थियों को आवेदन करते वक्त डिग्री के साथ ही उस कोर्स से संबंधित अप्रूवल सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा।
फर्जी सर्टिफिकेट लगाया तो न प्रवेश न ही नौकरी
बीएचयू पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान फर्जीवाड़ा करना अभ्यर्थियों को भारी पड़ सकता है। यदि अभ्यर्थी आवेदन के साथ फर्जी सर्टिफिकेट अपलोड किया गया तो पकड़े जाने पर प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा। छात्र को बीएचयू में किसी भी तरह की प्रवेश प्रक्रिया से डिबार कर दिया जाएगा। उसे भविष्य में किसी तरह की कोई नौकरी नहीं मिलेगी। यदि बीएचयू से डिबार छात्र ने प्रवेश पा लिया है तो उसका पीएचडी एनरोलमेंट और एडमिशन किसी भी समय खत्म कर दिया जाएगा। बीएचयू ने सोमवार को 1540 सीटों पर पीएचडी के लिए बुलेटिन जारी किया। इसमें चारों कॉलेजों में 124 सीटों पर पीएचडी कराई जाएगी। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 21 जनवरी और रिजल्ट 15 फरवरी को घोषित होगा।