इस बार दाखिले के बाद इस बार 75 फीसदी आवेदक ही रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे। दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी करवाया। इसके अलावा कई अभ्यर्थी बाढ़ और ट्रेन टिकट न हो पाने के चलते नहीं पहुंच सके। ऐसे छात्रों को आगे की तारीख दी गई, लेकिन जो लोग कोई कारण नहीं बता सके उन पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जा सकी। सेंट्रल एडमिशन कमेटी ने बताया है कि संदेह के चलते फाइन लगाने में दिक्कत आई। जबकि पिछले साल फैसला लिया गया था कि रिपोर्टिंग तारीख से दो दिन तक जो भी आवेदक संकाय में नहीं पहुंचेगा उसको दो हजार रुपये देना होगा।