डीयू और जेएनयू से उतार-चढ़ाव जारी: दिल्ली के दोनों शीर्ष विश्वविद्यालयों की बात करें तो 2026 में जेएनयू में 467 पीएचडी, 2025 में 798 पीएचडी और 2024 में 774 पीएचडी डिग्रियां दी गईं जबकि दिल्ली विवि में 2023 में 910 पीएचडी और 2024 में 659 पीएचडी उपाधियां दी गईं।
यूजीसी नेट से कठिन होता है सीएसआईआर नेट
पीएचडी से जुड़े बीएचयू के एक्सपर्ट बताते हैं कि नए पीएचडी ऑर्डिनेंस में आरईटी बंद होने के चलते काफी संख्या में आवेदक सीएसआईआर नेट क्वालिफाई नहीं कर पा रहे हैं। यह रेट परीक्षा और यूजीसी नेट से काफी कठिन माना जाता है जबकि जो छात्र क्वालिफाई कर रहे हैं वे विज्ञान में आईआईटी या कई बार डीयू-जेएनयू को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। कुछ प्रोफेसरों का मानना है कि आईआईटी के लैब की व्यवस्था और फेलोशिप भी ज्यादा मिलते हैं।