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जज्बे को सलाम: जुड़वां भाई व्हीलचेयर हॉकी में दिखाएंगे दम, एक आईएएस-एक बैंकर; खिलाड़ियों में भरेंगे जोश

Sun, 18 Jan 2026 12:33 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में व्हीलचेयर हॉकी की तैयारियां शुरू कर दी गई है। कानपुर के जुड़वां पैरा क्रिकेटर रोहित और राहुल गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग होना बाधा नहीं है। 
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वामन पुरस्कार से सम्मानित जुड़वा क्रिकेटर भाई। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Sports News: किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए जोश के साथ सतत प्रयास जरूरी है। समस्याएं आती हैं, लेकिन वे अंतिम नहीं होतीं। इससे निजात के लिए समयबद्ध ढंग से काम करना होता है। काशी में पहली बार व्हीलचेयर हॉकी होने जा रही है। उक्त बातें कानपुर के दामोदर नगर निवासी जुड़वां पैरा क्रिकेटर रोहित और राहुल गुप्ता ने शिवदासपुर में बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई, खेल से लेकर यूपीएससी निकालने तक कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।

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दाएं हाथ के बल्लेबाज राहुल गुप्ता ने बताया कि 2017 में यूपीएससी में सफलता मिली, लेकिन खेलना आज भी जारी है। काम और अपने पैशन के बीच सामंजस्य बनाने के लिए रूटीन बनाया है। दिन में ऑफिस का काम और रात में खेल को समय देते हैं। 

श्रीलंका में आयोजित पैरा टी-20 क्रिकेट में खेलने के लिए हमने अतिरिक्त मेहनत की थी। जुड़वां भाई राहुल और रोहित हाथ और पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन पैरा क्रिकेट में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। राहुल गुप्ता भविष्य निधि विभाग में अधिकारी हैं, जबकि उनके भाई रोहित गुप्ता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि काशी हर भारतीय के दिल में बसी रहती है। 

हमारे मन में था कि हम काशी आएं, मौका मिलते ही काशी विश्वनाथ की नगरी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग होना बाधा नहीं है। हम स्पेशल एबिलिटी के साथ पैदा हुए हैं। सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली में पार्ट-टाइम काम करने के बाद खेलते थे।

बैट के लिए पिता की दुकान पर करना पड़ा काम : खेलने के लिए समय निकालना मुश्किल होता था। कई बार हमें दुकान पर भी बैठना पड़ता था। पहली बार बल्ला और गेंद खरीदने के लिए दुकान पर अतिरिक्त समय दिया और हमारे पिता ने नई गेंद-बल्ला लाकर दिया। स्कूल से आने के बाद खाना खाते और दुकान पर बैठ जाते थे। इसके बाद शाम को खेलने को मिलता था।
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मिला भगवान वामन देव राष्ट्रीय गौरव सम्मान
दिव्यांगजन सशक्तीकरण और समाज में प्रेरणादायी योगदान को सम्मानित करने की दिशा में 17 जनवरी को वाराणसी में भगवान वामन देव राष्ट्रीय गौरव सम्मान का आयोजन हुआ। इस मौके पर कानपुर निवासी जुड़वा क्रिकेट भाईयों को पुरस्कृत किया गया। लिटिल स्टार सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में चार वामन देव पुरस्कार दिया गया।

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और प्रेरणादायी योगदान देने वाले राहुल गुप्ता और रोहित गुप्ता (जुड़वा भाई), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी अनिल वर्मा, शासकीय शिक्षक काजल को सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान वामन देव राष्ट्रीय गौरव सम्मान पहली बार प्रदान किया जा रहा है। भगवान वामन देव, भगवान विष्णु के 5वें अवतार हैं, जो आकार में छोटे किंतु कर्तृत्व में महान थे।
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