तीन साल पूरे होने के बाद थीसिस नहीं जमा होने पर एक-एक साल करके कुल आठ साल तक का मौका मिलता था। वहीं अब दो ही बार में आवेदन करने पर यह मौका मिल सकता है।
Varanasi News: बीएचयू में अगले 10 दिनों में करीब 1600 सीटों पर पीएचडी प्रवेश- 2025 की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसकी बुलेटिन तैयार हो चुकी है। इस बार पीएचडी ऑर्डिनेंस में बदलाव किए गए हैं। एक्सटेंशन के नियम बदले गए हैं। अब दो बार में 5 साल का एक्सटेंशन मिलेगा।
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शोधार्थी तीन साल में अपनी थीसिस जमा नहीं कर पाता है तो उसे तीन साल का एक्सटेंशन एक साथ ही मिल सकता है। वहीं छठवें साल में नहीं जमा होने पर दो साल का समय और दिया जाएगा।
सेमेस्टर वाइज ही जमा होगी फीस: इस फैसले से शोधार्थियों को लाभ मिलेगा। इससे पहले हर साल एक्सटेंशन के लिए छात्रों को सेंट्रल ऑफिस के चक्कर काटने पड़ते थे। अब बदले हुए नियम के तहत अगले तीन साल में थीसिस जमा करने विकल्प दिया गया है। हालांकि एक्सटेंशन की अवधि के लिए फीस सेमेस्टर के अनुसार ही जमा करनी होगी।
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वहीं पीएचडी के छह साल पूरे होने के बाद फिर से रजिस्ट्रेशन, शोध जारी रखने की अनुमति और थीसिस जमा करने का मौका मिलेगा। यही नहीं रिसर्च स्कॉलर्स को एक्सटेंशन के दौरान ही पहले जैसे ही नियमों के तहत विभागों प्रोग्रेस रिपोर्ट और सेमिनार प्रजेंटेशन देना होगा।