पीएम की फ्लीट गुजरने के मद्देनजर बंद कराया गया बीएचयू का मेन गेट
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पिछली बार बीएचयू गेट पर छात्राओं के धरने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। तब धरना समाप्त करा पाने में नाकाम विश्वविद्यालय प्रशासन इस बार हर पहलुओं पर नजर रखे रहा, जिससे कि वही गलती दुबारा न हो और अतिथियों के दौरे में असुविधा हो।
इस बार दौरे के समय मेन गेट बंद कराने के साथ ही महिला महाविद्यालय का मुख्य द्वार भी करीब आधे घंटे तक बंद करा दिया गया, जिससे कि छात्राएं बाहर न आ सके। यहीं नहीं महाविद्यालय परिसर में अंदर छत पर चढ़ी छात्राओं को भी नीचे उतरवा दिया गया।
पिछले साल 21 सितंबर की शाम छात्रा संग छेड़खानी के बाद 22 सितंबर की सुबह से छात्राएं मुख्य द्वार पर धरने पर बैठी थी। इसी दिन 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बीएचयू गेट के रास्ते तुलसी मानस मंदिर और दुर्गा कुंड मंदिर जाना था।
दिन भर धरना समाप्त कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई। अंतत: शाम को सुरक्षा के लिहाज से पीएम का काफिला बीएचयू से पहले ही दूसरे रास्ते से ले जाया गया।
इसके बाद से पीएमओ, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में भी विश्वविद्यालय प्रशासन की खूब किरकिरी हुई थी। तब छात्राएं कुलपति को धरना स्थल पर बुलाती रहीं लेकिन वह गए नहीं। इस बार पीएम नरेंद्र मोदी को फिर इधर से ही गुजरना था, इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन सकते में रहा।