बीएचयू विधि संकाय में तीन दिन पहले ही परीक्षा शुरू हुई है। इसमें 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया गया है। जिसके विरोध में छात्र धरना दे रहे हैं।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू ) विधि संकाय में परीक्षा देने से रोकने के विरोध में छात्रों का धरना जारी है। शनिवार सुबह परीक्षा देने संकाय पहुंचे छात्रों को जब रोका गया तो उनकी शिक्षकों से नोकझोंक भी हुई। आरोप लगाया कि एक माह पहले द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों को कम उपस्थिति पर शपथ पत्र लेकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई लेकिन अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा से रोकने का फैसला उनके हितों की अनदेखी जैसा है।
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विश्वविद्यालय में इन दिनों छात्रों की परीक्षा चल रही है। संकाय में 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वालों को परीक्षा से रोक दिया गया है। गुरुवार से ही विधि संकाय के छात्र धरना देकर परीक्षा देने की अनुमति देने पर अड़े हैं। शनिवार सुबह भी परीक्षा देने गए छात्रों में अधिकांश छात्रों की उपस्थिति 60 से 70 के बीच में थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
छात्रों के एक समूह ने संकाय प्रमुख को जो पत्र दिया है, उसमें यह बताया कि परीक्षा नजदीक होने के बाद भी उपस्थिति सूची जारी नहीं की गई है। पूछने पर उपस्थिति का गणना नहीं बताया गया।
यह भी आरोप लगाया बहुत से ऐसे छात्र है जो कम आते हैं फिर भी उनका शार्ट अटेंडेंस नहीं है। ऐसे में जिस तरह की दूसरे सेमेस्टर वालों से शपथ पत्र लेकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई, उसी तरह अंतिम वर्ष वालों को भी परीक्षा देने दिया जाना चाहिए।