बीएचयू प्रशासन की तरफ से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो डॉक्टर अंदर बिस्तर पर पड़े थे। मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि उनके हाथ में ड्रिप लगी थी। बीएचयू प्रशासन ने भी साफ किया है कि डॉक्टर ने डि्रप के जरिये दवा लेकर जान दी है। किस दवा का इस्तेमाल किया, इसकी जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। डॉक्टरों के मुताबिक, एनेस्थिसिया की ओवरडोज से भी जान जा सकती है।
परिजनों को सूचना दी गई, कारण का पता लगाया जा रहा : जूनियर डॉक्टर ने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल पाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि घटना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सुसाइड नोट मिला है। जांच जारी है।
मम्मी-पापा मुझे माफ करना
मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मैं, आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा हूं। जिंदगी बहुत शॉर्ट है। बाहर से लग रहा था कि बहुत अच्छा है लेकिन यहां आकर पता चला कि संघर्ष बहुत है। अपनी इच्छा से जान दे रहा हूं इसके लिए किसी को परेशान न किया जाए। खास कर उस लड़की को जो मुझसे बहुत प्यार करती है। मेरे लिए बहुत कुछ किया है। दोस्तों और परिजनों मैं जा रहा हूं। अलविदा दुनिया।