डॉ. शोभना ने सोमवार को पहले केंद्रीय कार्यालय में अंदर धरना दिया बाद में चैनल गेट के बाहर आकर धरने पर बैठ गई। उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंचकर चीफ प्रॉक्टर प्रो. आनंद चौधरी ने भी बातचीत की, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है।
बीएचयू पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में बीएचयू अधिनियम और सरकार के नियमों के तहत ही शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों के हितों को देखा जाता है। महिला शिक्षिक का क्या मामला है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।