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उपद्रव के बाद एक्शन, बीएचयू प्रशासन ने खाली कराये सात हॉस्टल, पीएमओ को भेजी रिपोर्ट

Thu, 27 Sep 2018 09:50 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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रुईया के दो हॉस्टल, बिड़ला के तीन, धनवंतरि और एलबीएस शामिल - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के सात हॉस्टलों को बुधवार को पूरी तरह खाली करा लिया गया। सर्च ऑपरेशन चलाकर सभी कमरों को सील कर दिया गया। जिन हॉस्टलों को खाली कराया गया है, उनमें रुईया मेडिकल, रुईया एनेक्सी, बिड़ला अ, बिड़ला ब, बिड़ला स, धनवंतरि और एलबीएस शामिल हैं। 
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बुधवार को विश्वविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के साथ डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी भारी फोर्स लेकर हॉस्टल पहुंचे और कमरे खाली कराये। एक-एक कर छात्र अपना जरूरी सामान लेकर बाहर निकल गए। कोई अपने घर, रिश्तेदारों के यहां पहुंचा तो कोई शहर में बने लॉज, आश्रम आदि में  सामान लेकर रहने के लिए निकल पड़ा। छात्रों ने हॉस्टल खाली कराने के फैसले को विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही बताते हुए कहा कि कुछ उपद्रवी छात्रों की वजह से सभी छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।

सोमवार रात हुए बवाल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को इन हॉस्टलों के छात्रों को आदेश दिया था कि वे 24 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली कर दें। इस आदेश के बाद मंगलवार रात ही काफी छात्र कमरा छोड़कर चले गए थे, लेकिन बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के कुछ छात्र विरोध में एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर धरने पर बैठे गये थे। इन्हें देर रात डीएम ने बातचीत कर हॉस्टल खाली करने के लिए मना लिया था। 
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पीएमओ भेजी रिपोर्ट 
बीएचयू में घटी घटनाओं पर पीएमओ और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जो रिपोर्ट मांगी गई थी। उसे विश्वविद्यालय की ओर से भेजा जा चुका है। अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी आदि की घटनाओं और  बुधवार दोपहर तक चली कार्रवाई का पूरा विस्तृत ब्योरा शामिल किया है।

कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने बताया कि मामले की स्टैंडिंग कमेटी की ओर से जांच कराई जा रही है, इसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस रिपोर्ट को भी मंत्रालय को भेजा जाएगा। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस बारे में अधिकारियों संग बैठक कर नए सिरे से रणनीति बनाई जाएगी, जिससे कि परिसर का माहौल अराजक न होने पाए और शांति व्यवस्था कायम रहे। 

माहौल बिगाड़ने वाले चिह्नित छात्र हैं परिसर में ही

धरने पर बैठे छात्र - फोटो : amar ujala
बीएचयू प्रशासन ने भले ही सात हॉस्टल खाली करा दिए हैं लेकिन बार-बार माहौल बिगड़ाने वाले चिह्नित छात्र परिसर स्थित हॉस्टलों में अपने दोस्तों के पास ही टिके हैं। इसकी चर्चा बुधवार को परिसर में मौजूद रहे खुफिया इकाइयों के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच रही। आशंका जताई गई है कि उक्त चिह्नित छात्र माहौल बिगाड़ने का काम फिर कर सकते हैं।

ऐसे छात्रों को परिसर से बाहर करने के लिए खाली कराए गए सातों हॉस्टल के आसपास के हॉस्टलों में भी विश्वविद्यालय प्रशासन की मदद से औचक तलाशी अभियान चलाए जाने की जरूरत बताई गई है।

वहीं, इन चिह्नित छात्रों के करीबी छात्र परिसर के इर्दगिर्द के भगवानपुर, छित्तूपुर, सीरगोवर्धनपुर, करौंदी और सुसुवाही स्थित लॉजों में रहने वाले दोस्तों के पास ठहरे हुए बताए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि अभी फोर्स लंका थाना, नगवा पुलिस चौकी और बीएचयू पुलिस चौकी के साथ ही परिसर के आसपास मुस्तैदी से तैनात रहेगी। 

सात हॉस्टल में 1500 से अधिक छात्र
विश्वविद्यालय परिसर के जो सात हॉस्टल बुधवार को खाली कराए गए हैं, उनमें करीब 1500 से अधिक छात्र हैं। सबसे ज्यादा 500 से अधिक छात्र तीन बिड़ला हॉस्टलों में हैं। एलबीएस हॉस्टल, रुईया मेडिकल, एनेक्सी और धनवंतरि हॉस्टल में रहने वालों की संख्या करीब 1000 हैं। फिलहाल अभी यह तय नहीं है कि छात्रों को कब वापस बुलाया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि करीब एक सप्ताह तक यही स्थिति रहने की संभावना है। 

नहीं हो पाती है कोई ठोस कार्रवाई 
विश्वविद्यालय में जब तक दो हॉस्टलों के छात्रों बीच आपसी वर्चस्व को लेकर मारपीट, तोड़फोड़, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं होती रहती है। हर बार यही होता है कि घटना में बाहरी छात्र शामिल हैं लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन तक ही मामला सीमित रह जाता है। अगर किसी छात्र पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन अपने स्तर से निलंबित, डिबार की कार्रवाई करता था तो भी वह हॉस्टल में रहते हैं। 

हॉस्टल  में पुख्ता होगी सुरक्षा व्यवस्था 

ड्रोन कैमरे से चला सर्च ऑपरेश - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में बाहरी और अवांछनीय तत्वों को रोकने लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अब नई व्यवस्थाएं करेगा। इसमें हास्टल से लेकर आईएमएस तक सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का भी निर्णय लिया गया। आईएमएस में स्वतंत्र सुरक्षा इकाई स्थापित करने और उपाधीक्षक या रिटायर्ड आईपीएस को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा हॉस्टल एलाट होने वाले छात्रों के अभिभावकों से बांड भी लिया जाएगा। आईएमएस में तीन छात्रों की कमेटी बनाई जाएगी और बीएचयू प्रशासन से संपर्क में रहकर संवाद करेगी।

बीएचयू प्रशासन के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हॉस्टल में बायोमेट्रिक और आई कार्ड व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रतिमाह बच्चों से सीधा संवाद करने के लिए कमेटी गठित की गई है। इसमें कुलपति और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अलावा प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

आईएमएस में चिकित्सकों के अलावा मरीजों व तीमारदाराें की सुरक्षा की व्यवस्था होगी। पूरे कैंपस में सीसीटीवी कैमरों को भी दुरुस्त कराए जाने का निर्णय लिया गया। इस बीच रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी अस्पताल प्रशासन के समक्ष एक ही तरफ से प्रवेश और निकासी की व्यवस्था करने, वार्ड में पास व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बीएचयू प्रशासन के हर निर्णय का क्रियान्वयन कराया जाएगा। हमारा उद्देश्य बीएचयू के शैक्षणिक माहौल को सुधारना होगा। इसके लिए कठोर निर्णय भी लिए जाएंगे।

 
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डीएम ने कहा-संयम से काम करे फोर्स 

बीएचयू में डीएम व अन्य अधिकारी - फोटो : amar ujala



सातों हॉस्टल में सर्च ऑपरेशन से पहले डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने लाउड हेलर से फोर्स को ब्रीफ किया। दोनों अधिकारियों ने कहा फोर्स संयम से काम करेगी, सभी छात्र हैं। महज दो से तीन फीसदी उपद्रवियों की कारगुजारियों का खामियाजा अन्य छात्र नहीं भुगतेंगे। डीएम और एसएसपी ने कहा कि कोई पुलिसकर्मी किसी छात्र के साथ बल प्रयोग नहीं करेगा और न किसी से अभद्रता से पेश आना है। डीएम और एसएसपी की ताकीद का असर फोर्स पर दिखा और किसी छात्र के साथ बल प्रयोग या बदसलूकी जैसी शिकायत सुनने को नहीं आई। पुलिस की ओर से सातों हॉस्टल की तलाशी के लिए आठ टीम बनाईं गई थी।
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