बीएचयू अस्पताल में मेडिकल उपकरण चुराने का गिरोह सक्रिय है। इसके सदस्य अस्पताल के वार्डों में घुसकर ऑक्सीजन में लगने वाले उपकरण, ईसीजी जेल, सर्जिकल ग्लव्स और यूरोबैग चुराकर लंका क्षेत्र के निजी मेडिकल स्टोर पर बेचते हैं। गिरोह का एक सदस्य पकड़ा भी गया है। वह कपड़े में छुपाकर हजारों रुपये का मेडिकल उपकरण बेचने जा रहा था। सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में आरोपी ने एक-एक करके मेडिकल उपकरण कपड़े से बाहर निकाले। पूछताछ में सदस्य ने बड़े गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी दी। अब सीसी कैमरे के साथ ही सुरक्षाकर्मियों ने निगरानी बढ़ाई है। मामले की सूचना लंका थाने की पुलिस को भी दी गई है।
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों में बिचौलियों की सक्रियता से चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कुछ आरोपियों को चिन्ह्त किया। तस्वीर भी जारी की, लेकिन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा सका। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित गैस्ट्रोलॉजी वार्ड से मंगलवार को सर्जिकल ग्लब्स सहित अन्य सामानों को चोरी करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम संतोष तिवारी बताया। वह मूल रूप से बिहार के रोहतास का रहने वाला है। उसने बताया कि वह बरेका के पास रहता है। लंका स्थित मेडिकल स्टोर पर सामान बेचने जा रहा था। इससे पहले चोरी करके सामान बेच चुका है। मेडिकल स्टोर संचालक सस्ते में मेडिकल उपकरण खरीदते हैं, फिर महंगे दाम पर बेचते हैं। इस संबंध में लंका इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि बीएचयू प्रशासन ने सूचना दी है। आरोपी से पूछताछ करके जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
शरीर के हर हिस्से से निकला सामान
प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों ने संतोष तिवारी नाम के जिस व्यक्ति को पकड़ा, उसके पास से कई सामान बरामद किए गए। पहले तो संतोष ने चोरी न करने की बात कही, जब सुरक्षाकर्मियों ने कड़ाई की तो बताया कि कपड़ों में रखकर चोरी का सामान बाहर आते हैं। उसने न केवल गैस्ट्रोलॉजी के वार्ड से सामान चुराने की बात कबूली बल्कि सुरक्षाकर्मियों के सामने एक-एक कर उसने शरीर में अलग-अलग जगह पर छिपाकर रखे ईसीजी जेल, यूरो बैग, मास्क, सीरिंज सहित अन्य सामानों को निकालना शुरू किया तो हर कोई चौंक गया। उसने यह भी बताया कि यहां से निकलकर वह सीधे लंका स्थित मेडिकल स्टोर पर जाकर उन सामानों को बेच देता है।
व्यवस्था पर सवाल
सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के वार्डों से जिस तरह सामान चोरी करके मेडिकल स्टोर पर बेचे जा रहे हैं, उससे व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है। सामान स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में रहते हैं। इसका प्रयोग डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ करते हैं।--
चोरी के सामान के साथ आरोपी युवक को दबोचा गया है। इसकी सूचना लंका थाने की पुलिस को दी गई है। निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी सुरक्षाकर्मियों को दी गई है। - प्रो. शिव प्रकाश सिंह, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू