चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय नाथ
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय नाथ मिश्रा ने कहा कि सोमवार रात हुई घटना सुनियोजित ढंग से कराई गई है। डॉ. विजय नाथ मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में यह आशंका जताते हुए कहा कि सोमवार को जूनियर डॉक्टरों और छात्रों में विवाद के बाद सब कुछ शांत हो जाता है। बाद में फिर से मारपीट की जाती है।
सीसी फुटेज को देखने से लग रहा है कि तय करने के बाद घटना को अंजाम दिया गया हो। उन्होंने हमले में आठ-नौ जूनियर डॉक्टरों के घायल होने की बात कहते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि मरीजों को समस्या न हो, इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई हैं। ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं हैं। बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डॉक्टरों और मरीजों के लिए अलग-अलग गेट बनाने पर विचार चल रहा है।
कारगर नहीं हो रहीं कोशिशें
बीएचयू में तैनात फोर्स
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बीएचयू में दो दिन से लगातार हो रही घटनाओं पर अंकुश लगाने में विश्वविद्यालय प्रशासन की हर कोशिश नाकाम हो रही है। छात्रों के बुलावे पर कुलपति धरना स्थल पर भले ही न आ रहे हों लेकिन धरना खत्म कराने पर बात आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कुलपति के कहने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और वार्डन छात्रों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई। दरअसल, हॉस्टल में घटना के समय संबंधित वार्डन और अधिकारी जाते नहीं और अगर पहुंच भी जाते हैं तो छात्रों से बातचीत की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
विश्वविद्यालय में पहली बार नहीं है कि जब रातभर मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाएं हुई हो। इसी साल बिड़ला और एलबीएस हॉस्टल के बीच पत्थरबाजी, मारपीट, अय्यर छात्रावास में घुसकर गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई।
हर घटना के बाद परिसर में शांति व्यवस्था के लिए बदलाव की बात की जाती है। हाल में पहले से प्रॉक्टोरियल बोर्ड के आंतरिक खुफिया विभाग में पहले से तैनात लोगों को इसलिए बदल दिया गया है। सुरक्षाकर्मी बढ़ाने से लेकर हर तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाने, क्यूआरटी टीम का गठन सहित अन्य फैसले लिए जा चुके हैं।