डॉ. विजय नाथ मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में एक विदेशी यात्री की तबीयत बिगड़ गई। संयोग से विमान में बीएचयू के एक डॉक्टर भी मौजूद थे। उन्होंने बिना देर किए, यात्री का इलाज किया और उसकी जान बचाई। थोड़ी सी भी देरी उस यात्री के लिए खतरनाक साबित हो सकती थी। वहीं अमौसी एयरपोर्ट प्रबंधन की लापरवाही भी डॉ. विजयनाथ के ट्वीट से सामने आई है। उन्होंने फोन पर बताया कि एयरपोर्ट पर स्ट्रेचर तक नहीं मिला, सीढ़ियों से किसी तरह से मरीज को उतारा गया। ईसीजी मशीन भी नहीं थी, एम्बुलेंस भी घटिया थी।
मामला मंगलवार शाम का है। एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-811 ने दिल्ली एयरपोर्ट से शाम 6.30 बजे उड़ान भरी। विमान में स्पेन निवासी जेम्स मौजूद थे। विमान के उड़ान भरने के कुछ देर बाद जेम्स की तबीयत बिगड़ने लगी। इससे पहले कि एयरहोस्टेस कुछ समझ पाती, जेम्स बेहोश हो गए। विमान में यात्रा कर रहे बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सक अधिक्षक डॉ. विजय नाथ मिश्र भी फ्लाइट से लखनऊ आ रहे थे।
उन्होंने बताया कि जेम्स के बेहोश होने यात्रियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि, जैसे ही कैप्टन को मामले की जानकारी हुई, उन्होंने इमरजेंसी मेडिकल सहायता के लिए एनाउंसमेंट कर दिया। उधर, एयर इंडिया स्टाफ ने तत्काल ब्लडप्रेशर मशीन और अन्य जरूरी सामान जेम्स के इलाज के लिए उपलब्ध करवा दिए, इसके बाद जेम्स की स्थिति को नियंत्रण में किया गया। अमौसी पहुंचने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर(एटीसी) के वरिष्ठ अधिकारी सोमेश ने जेम्स को अस्पताल में भर्ती करवाया।