बीएचयू अस्पताल के एमसीएच विंग से आलमारी और फाइल निकलते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू अस्पताल परिसर में एमएस ऑफिस के ठीक बगल में बने एमसीएच विंग में शुक्रवार की ओपीडी चल रही थी। विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर संगीता राय ओपीडी में गर्भवती महिलाओं को देख रही थीं। दोपहर करीब 2.30 बजे एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता अपने 5-6 कर्मचारियों के साथ पहुंचे और उन्होंने पर्चा काउंटर के पास बने जांच काउंटर पर रखे सामानों को बाहर फेंकने को कहा। इसके तुरंत बाद एमएस के साथ मौजूद एक महिला सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारियों ने एक-एक कर सामान को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। खुद एमएस वहां रखी कुर्सियों सहित अन्य सामान को बाहर करने लगे। यह कार्रवाई करीब एक घंटे तक चलती रही।
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प्रोफेसर संगीता राय ने आईएमएस बीएचयू के विभागाध्यक्षों के ग्रुप में मामले की जानकारी साझा की, तो हर कोई हैरान हो गया। उन्होंने एमएस पर बिना किसी सूचना के एमसीएच विंग में जांच वाले कमरे में जाकर सामान को फिंकवाने का जिक्र किया। साथ ही अपने साथ दुर्व्यवहार की बात लिखी। विभागाध्यक्ष ने कहा कि जांच वाले कमरे को खाली करने के बारे में न तो पहले कोई मौखिक जानकारी दी गई और न ही कोई लिखित। इस तरह की कार्रवाई बीएचयू की नियमवाली के खिलाफ है। उधर, अस्पताल के एमएस की मौजूदगी में ऐसी कार्रवाई पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अन्य डॉक्टरों ने चिंता जताई।
जिस जगह जांच होती है वह पहले से ही एमसीएच विंग को आवंटित है। अब चर्चा है कि उस जगह फार्मेसी खोली जाएगी। प्रो. संगीता ने बताया कि जिस कमरे से सामान बाहर फिंकवाया गया है, वहां गर्भवती महिलाओं की एचआईवी और हेपेटाइटिस की जांच कराई जाती है। गर्भवती दूरदराज जांच कराने जाएंगी तो दिक्कत आएगी। एमएस की मौजूदगी में जांच किट, जरूरी फाइलें सहित अन्य सामान जिस तरह से फेंके गए वह हैरान करने वाला है।
विभागाध्यक्षों के ग्रुप में साझा किया वीडियो, फिर करना पड़ा डिलीट
विवाद से जुड़ा वीडियो अध्यक्ष प्रोफेसर संगीता राय ने तत्काल आईएमएस बीएचयू के विभागाध्यक्षों के ग्रुप में साझा किया। उन्होंने अपने साथ दुर्व्यवहार का जिक्र किया। दो मिनट के वीडियो में एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता कुर्सी हटाते दिख रहे हैं। मामले की जानकारी जैसे ही आईएमएस के एक वरिष्ठ अधिकारी को हुई तो उन्होंने प्रो. संगीता राय को फोन किया। साथ ही वीडियो को तुरंत डिलीट करने का आग्रह किया। इसके बाद वीडियो ग्रुप से डिलीट कर दिया गया। जो वीडियो ग्रुप में साझा किया गया था उसमें एक महिला सीनियर नर्सिंग अफसर सहित अन्य कर्मचारी सामान को फेंकते हुए नजर आ रहे हैं।
क्या बोलीं विभागाध्यक्ष
गर्भवती महिलाओं सहूलियत के लिए ही एमसीएच विंग मे जांच कराई जाती है। अस्पताल के एमएस और उनके साथ आये कर्मचारियों ने जिस तरह से जांच किट सहित अन्य सामानों को बाहर फेंका, वह निंदनीय है। आईएमएस निदेशक सहित अन्य लोगों को जानकारी दी जा चुकी है।
-प्रो. संगीता राय, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, बीएचयू
निदेशक बोले
प्रो. संगीता राय ने मामले की जानकारी दी थी। डिप्टी चीफ प्रॉक्टर को भेजकर मामला शांत कराया गया। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाएगी।
-प्रो. एस एन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू
एमएस ने कही ये बात
एमएस ऑफिस और एमसीएच विंग के बीच में एक ड्रोन गिर गया था। उसी को देखने गया था। इसी दौरान एमसीएच विंग मे एक जगह पहले से निर्धारित थी जहां फार्मेसी खोला जाना था। उस जगह पर स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष द्वारा जबरन ताला तोड़कर वहां जांच केंद्र चलवाया जा रहा था। कई बार नर्सिंग स्टॉफ ने उनको कमरा खाली करने को कहा था। उसी कमरे को खाली कराया गया है।
-प्रो. केके गुप्ता, एमएस