उन्होंने कहा कि बीमार मरीजों को इमरजेंसी में रखने, अस्पताल में जांच, परामर्श, इधर उधर ले जाने के लिए पर्याप्त स्ट्रेचर भी मौजूद हैं। परिजन अगर स्ट्रेचर इधर उधर रख भी देते हैं तो अस्पताल के कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों द्वारा उसे दोबारा इमरजेंसी और संबंधित वार्ड में पहुंचा दिया जाता है।
इमरजेंसी में रेफर होकर आते हैं अधिकांश मरीज
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में कुछ मरीज भले ही तबीयत बिगड़ने पर सीधे आ जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मरीज वाराणसी, आसपास के जिलों के साथ ही बिहार आदि जगहों से रेफर होकर ही यहां पहुंचते हैं। ऐसे में एमएस द्वारा सीएचसी, पीएचसी न जाकर सीधे बीएचयू अस्पताल आने वाले बयान पर कहीं न कहीं भर्ती करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।