बीएचयू के 103वें दीक्षांत समारोह में 27 मेधावियों को 31 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। पीजी में भद्रा प्रिया और यूजी स्तर पर सुश्री को चांसलर मेडल से नवाजा जाएगा। दोनों मेधावी संगीत एवं मंच कला संकाय की हैं। पदक हासिल करने के मामले में बेटियों ने बाजी मारी है। पदक सूची में 19 छात्रा और आठ छात्रों के नाम हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च अंक भी छात्राओं को मिला है।
भद्रा प्रिया (मास्टर ऑफ परफॉर्मिंग आर्टस): 3 मेडल: चांसलर मेडल, महाराज विभूति नारायण सिंह गोल्ड मेडल और बीएचयू मेडल।
सुश्री (बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्टस) : 3 मेडल: चांसलर मेडल, महाराज विभूति नारायण सिंह गोल्ड मेडल और बीएचयू मेडल।
अमन सिंह : आचार्य
विमलेश कुमार शुक्ला : शास्त्री
दक्षिता : बीएससी
अनुप्रिया यादव: एमएससी बॉटनी
सौरभ शुक्ला: एमएससी एग्रो फाॅरेस्ट्री
अपूर्वा प्रियदर्शिनी: बीएससी कृषि
वंशिका बंसल: एमएससी बायो सांख्यिकी
अनुष्का मौर्य :बीएससी नर्सिंग
सरिता गुप्ता :बीफार्मा आयुर्वेद
आयुषी शर्मा:बीडीएस
महाजन अर्जुन दीपक:एमडीएस
अमन कुमार त्रिवेदी: एमए संस्कृत
श्रेया शुक्ला: बीए संस्कृत
तन्वी बाजपेयी: एमए मनोविज्ञान
अभिनव यादव: बीए ऑनर्स जियोग्राफी
अद्रिका: बीकॉम ऑनर्स
योगिता बजाज: एमकॉम
साक्षी कादियान: एमबीए
पल्लवी दास: बीएड
शिवानी: एमए शिक्षाशास्त्र
जागृति मिश्रा: बीएएलएलबी
मनीषा बटवाल: एलएलएम
चंदन सिंह: बीएफए
सत्यम सिंह: एमएफए
प्रणव कुमार त्रिपाठी: बैचलर ऑफ वेटेनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री
भद्रा प्रिया को दूसरी बार मिलेगा चांसलर मेडल
बीएचयू के 103वें दीक्षांत समारोह में 27 मेधावियों को 31 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। पदक हासिल करने वालों में 19 छात्रा और आठ छात्रों के नाम हैं। पीजी में भद्रा प्रिया और यूजी स्तर पर सुश्री को चांसलर मेडल से नवाजा जाएगा। संगीत एवं मंच कला संकाय से एमपीए की छात्रा भद्रा प्रिया को दूसरी बार चांसलर मेडल मिलेगा। केरल निवासी भद्राप्रिया को 2021 में भी चांसलर मेडल मिल चुका है। 16 दिसंबर को आयोजित दीक्षांत समारोह में 14,600 विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएगी।
सुश्री ने पापा को समर्पित किया चांसलर मेडल
बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय से मास्टर ऑफ परफाॅर्मिंग आर्ट्स (सितार) की शिक्षा ग्रहण कर रहीं सुश्री चांसलर मेडल पाने से खुश हैं। दरभंगा की मूल निवासी सुश्री ने अपना मेडल अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया है। अमर उजाला से बातचीत में सुश्री ने कहा कि 2009 में पिताजी के निधन के बाद लगा कि अब आगे की पढ़ाई नहीं हो पाएगी। ऐसे समय में मां ने हिम्मत से काम लेते हुए आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। बड़े भाई ने मेरी संगीत की शिक्षा के सपने को साकार करने में मेरा पूरा साथ दिया। बड़ी बहन भी समय-समय पर मुझे बेहतर करते रहने के लिए प्रेरित करती रहीं। चांसलर मेडल मिलने पर पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह, डॉ. ज्ञानेश चंद्र पांडेय, प्रो. प्रवीण उद्धव, डॉ. सतीश सहित अन्य शिक्षकों ने सुश्री को बधाई देते हुए संकाय के लिए इसे बड़ी उपलब्धि बताई।