रीजनल भाषाओं में 20 प्रतिशत अंक अतिरिक्त
हिंदी के मूल्यांकन के लिए 100 अंक रखे जाएंगे। हिंदी में किए कामों के लिए 70 प्रतिशत अंक और विचारों की स्पष्टता और बोलने में 30 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। जिन लोगों की भाषा कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम, बांग्ला, असमिया और उड़िया होगी, उन्हें 20 प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
इस पुरस्कार का एक नियम ये भी है कि हर साल लगातार एक ही अधिकारी या कर्मचारी को नहीं सम्मानित किया जाएगा। हालांकि, एक साल के अंतराल पर आवेदन किया जा सकता है। राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से प्रोत्साहन योजना का एक आवेदन पत्र भी जारी किया गया है। इसमें 12 प्वाइंट में अलग-अलग 12 महीनों में कितने हिंदी शब्द लिखे हैं, उसका विवरण और शब्दों की संख्या मांगी गई है।
हर महीने बनानी होगी रिपोर्ट
इस योजना के तहत हिंदी में टाइपिंग कार्य, सूची तैयार करना, अकाउंट का काम, रजिस्टर एंट्री और आलेखन का काम किया गया हो। हर महीने अपने लिखे गए हिंदी शब्दों की एक रिपोर्ट बनाकर कार्यालय प्रमुख से हस्ताक्षर भी कराना होगा। इस योजना में ऑफिस का कामकाज संभालने वाले हर कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।