दोबारा एडमिशन लेने पर 10 हजार का अतिरिक्त शुल्क
पीएचडी में यदि सेमेस्टर वाइज फीस जमा नहीं की तो महीने के अंदर 500 और उसके बाद 1000 रुपये जुर्माना देना होगा। लेकिन, छह महीने तक फीस जमा नहीं की तो एडमिशन कैंसिल कर दिया जाएगा। दोबारा एडमिशन के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं, डीन को कुलपति से एडमिशन करने की अनुशंसा करनी होगी।
डीन ने की थी शिकायत
एजेंडे के मुताबिक, वेटरनरी एंड एनिमल साइंस फैकल्टी में कई छात्र लेट फीस जमा करते थे। यहां के डीन ने कुलपति को इससे अवगत कराया था। 16 नवंबर को कुलपति ने यूजी कोर्स की तर्ज पर लेट फी चार्ज के लिए समीक्षा करने का ऑर्डर दिया। इसी के बाद स्टैंडिंग कमेटी ने ये प्रस्ताव तैयार किया।
योग सर्टिफिकेट कोर्स में एडमिशन शुरू
बीएचयू में चार महीने के योग सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश शुरू हो गया। 30 नवंबर तक प्रवेश की अंतिम तिथि है। प्रवेश पाने वालों की योग्यता 12वीं पास है। मालवीय भवन में योग की कक्षाएं चलेंगी। इसका फॉर्म 50 रुपये में मिल रहा है। प्रकाशन विक्रय पटल से इसके फॉर्म लिए जा सकते हैं।
आवेदन फॉर्म भरकर 30 नवंबर तक मालवीय भवन स्थित योग साधना केंद्र के कार्यालय में जमा करना होगा। योग साधना केंद्र के समन्वयक प्रो. राजाराम शुक्ल ने बताया कि प्रवेश समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों पर ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आवेदन पत्र में 10 और 12वीं के अंकपत्रों के अलावा सभी शैक्षणिक डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी लगानी होगी।
पीएचडी : डीआरसी से पास होंगी सीटें
बीएचयू में पीएचडी एडमिशन में अभ्यर्थियों का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। देरी की दो वजह है। पहला ने एनटीए ने अभी तक नेट-जेआरएफ का डाटा भी नहीं शेयर किया। वहीं, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में जिन कॉलेजों की पीएचडी सीटें बढ़ाईं गईं हैं, उनका डिटेल सीधे परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को भेज दिया गया था। लेकिन, कार्यालय ने उस पूरे डाटा को फिर से कॉलेजों को भेज दिया है। अलग-अलग विभागों की डीआरसी से पारित कराकर ही सीटों का व्योरा भेजने की निर्देश दिया है।