Varanasi News: बीएचयू कैंपस में बच्चे को कुत्ते द्वारा काटे जाने के तीन दिन बाद प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे को देखने अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने माना कि बच्चे को कुत्ते ने ही काटा था।
बीएचयू कैंपस में 13 अगस्त को बच्चे को कुत्ते के काटने के तीन दिन बाद रविवार को हिंदी विभाग की महिला प्रोफेसर (विभागाध्यक्ष) प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे को देखने ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने माना कि बच्चे को कुत्ते ने ही काटा था। पहले वह बच्चे को बाइक से चोट लगने की बात कह रही थीं।
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उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में कुत्ता नहीं पालेंगी। उन्होंने बच्चे के पिता प्रेमाराम से बातचीत कर बेटे का हाल जाना। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती 11 साल के अभिनव को 50 टांके लगे हैं। पिता प्रेमाराम के अनुसार, वह बोल नहीं पा रहा है और मानसिक रूप से भी बहुत आघात में है। बच्चे के चेहरे पर काफी सूजन है। उसका दर्द कम नहीं हो रहा है।
पिता ने बताया कि कुत्ते के हमले में उसे गंभीर चोटें आई हैं और घाव भरने में अभी काफी समय लगेगा। उन्होंने बताया कि रविवार को ट्रॉमा सेंटर में बच्चे से मिलने के लिए प्रो. श्रद्धा सिंह आईं और माफी भी मांगी। उन्होंने बताया कि कुत्ते का समय पर टीकाकरण हुआ है और उसका कार्ड भी दिखाया।
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कुलपति के बाद आईएमएस निदेशक, एमएस पहुंचे ट्रॉमा सेंटर
पिछले सप्ताह शुक्रवार को कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर बच्चे का हाल जाना था। इस दौरान उन्होंने बच्चे का बेहतर इलाज कराने की बात कही थी। इसके पहले बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले में कार्रवाई की बात कही थी। कुलपति के दौरे के बाद शनिवार को आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार और ट्रॉमा सेंटर के एमएस प्रो. पुनीत भी बच्चे को देखने पहुंचे। उन्होंने हर संभव बेहतर इलाज का भरोसा भी दिलाया।