फीस वृद्धि के खिलाफ बुधवार शाम से ही एबीवीपी से जुड़े छात्र बीएचयू सिंह द्वार बंद कर धरना दे रहे थे। उनका कहना था कि जब तक उन्हें लिखित में फीस वृद्धि वापसी का आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक वे सिंह द्वार नहीं खोलने देंगे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में फीस वृद्धि के विरोध में सिंह द्वार पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने गुरुवार दोपहर धरना समाप्त कर दिया। बीएचयू प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन पर वो मान गए। बीएचयू प्रशासन के प्रतिनिधमंडल की कमेटी ने 45 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का आश्वसन दिया है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बीएचयू इकाई द्वारा फीस वृद्धि के खिलाफ पिछले 27 दिनों से आंदोलन किया जा रहा था। बुधवार शाम से ही फीस वृद्धि के खिलाफ एबीवीपी से जुड़े छात्र सिंह द्वार बंद कर धरना दे रहे थे। मुख्य द्वार पर दोनों तरफ के छोट गेट आवाजाही के लिए खुले रहे।
छात्रों और प्रशासन के बीच बुधवार रात हुई वार्ता पूरी तरह विफल रही थी। छात्रों का कहना था कि जब तक उन्हें लिखित में फीस वृद्धि वापसी का आश्वासन नहीं दिया जाता है या कमेटी की डेडलाइन नहीं तय की जाती, तब तक वे सिंह द्वार नहीं खोलने देंगे।
गुरुवार को बीएचयू प्रशासन द्वारा फीस वृद्धि पर गठित समिति ने लिखित रूप में यह आश्वासन दिया 45 दिनों के भीतर छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद एबीवीपी ने धरने को खत्म कर दिया और सिंह द्वार को खोल दिया गया।