बीएचयू के विज्ञान संस्थान के शोधार्थियों और प्रोफेसरों ने सोमवार को प्रयागराज के भारतीय वायुसेना स्कूल का दौरा किया। यहां पर विद्यार्थियों को इतिहास और जीन विज्ञान के बीच संबंध को प्रजेंटेशन के माध्यम से समझाया।
जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि अजनाला के शहीदों का खुलासा डीएनए जांच से ही संभव हुआ। शोध छात्रा देबश्रुति दास ने कहा कि मध्य प्रदेश की सहरिया जनजाति में टीबी के कई मामलों का पता चला है। इसके पीछे आनुवंशिक कारक और पर्यावरणीय प्रभाव प्रमुख वजहें हैं। शोधार्थी सत्य प्रकाश, चंचल, अभिषेक और रुद्र ने कई पोस्टर्स के माध्यम से बीएचयू में चल रहे शोध की झलक दिखाई। इसमें डीएनए फिंगरप्रिंटिंग से लेकर निएंडरथल मानव तक के विषय शामिल थे।