बीएचयू की एमए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के इतिहास के पेपर में ‘तीन तलाक’, ‘हलाला’ और ‘अलाउद्दीन खिलजी’ को लेकर पूछे गए सवाल विरोध और बहस का हिस्सा बन गए हैं। परीक्षा में इन सवालों के पूछे जाने के बाद कुछ छात्र काफी नाराज हैं।
नाराज छात्रों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह के प्रश्नों के जरिए उन पर विचारधारा थोप रहा है। उधर, इतिहास विभाग के प्रोफेसरों का कहना है कि इतिहास से जुड़े समसामयिक प्रसंगों के बारे में नई पीढ़ी को जानना चाहिए। इस पर विवाद खड़ा करने जैसी कोई वजह नहीं है।
परीक्षक ने इसी उद्देश्य से प्रश्नपत्र में इस तरह के सवालों को चुना होगा। पिछले दिनों एमए राजनीतिशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र में जीएसटी और बीजेपी, आप जैसे राजनीतिक दलों पर भी सवाल पूछे गए थे।
अब एमए के प्रश्नपत्र ‘स्टेट फॉर्मेशन इन मिडवल इंडिया’ में खंड -(अ) का दूसरा सवाल -इस्लाम में हलाला क्या है? पूछा गया है। इसी प्रश्नपत्र में खंड -(ब) में 8वां सवाल -इस्लाम में तीन तलाक एवं हलाला एक सामाजिक बुराई है? इसकी व्याख्या कीजिए। पहला सवाल दो नंबर का और दूसरा 10 नंबर का है।