वाराणसी के बाबतपुर कैथौली निवासी अंकित पाठक के बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के कोविड-19 वार्ड की चौथे मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। इस पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। 16 अगस्त की शाम 5 बजे उसकी फिर से तबीयत बिगड़ने लगी, तो फिर उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गए। यहां उसका इलाज चला। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में एमआरआई जांच करवाने के बाद रिपोर्ट की जानकारी परिजनों को नहीं होने से पहले ही बेटे को 17 अगस्त को बीएचयू अस्पताल के इमरजेंसी में भेज दिया गया। इमरजेंसी में तीसरे मंजिल पर 22 अगस्त तक इलाज चला था।
उससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने 18 अगस्त को कोरोना वायरस की जांच करवाई थी। 21 तारीख को रीढ़ की हड्डी का जांच कराई थी। उसके बाद परिजनों को 10 दिन बाद हड्डी की जांच रिपोर्ट आने के बाद कहा गया था। इसी बीच उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके बाद अस्पताल ने अंकित को 22 अगस्त को ही कोविड वार्ड में भर्ती कर लिया। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर पहले से अवगत थे कि मरीज डिप्रेशन(तनाव) में है। साथ ही मरीज को बांध कर रखा जा रहा था।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से सवाल पूछे हैं कि जब मरीज बंधा हुआ था, तो कैसे वो बिल्डिंग से कूद गया। इस दौरान वार्ड के लोग क्या कर रहे थे।