बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी कांप्लेक्स की चौथी मंजिल से रविवार को कूदकर जान देने वाले अंकित पाठक के पिता जितेंद्र पाठक समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने बीएचयू प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि बेटे के डिप्रेशन में होने की जानकारी बीएचयू के डाक्टरों को पहले ही दे दी गई थी। उसका इलाज बेड से बांधकर किया जा रहा था। फिर उनका बेटा अस्पताल के चौथी मंजिल से कैसे कूद गया और अस्पताल के स्टाफ को जानकारी नहीं हुई। उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों ने बताया कि 14 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद उसे पहले ककरमत्ता स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बिल अधिक होने पर 15 अगस्त को किसी तरह डिस्चार्ज कराकर पहले एक रिश्तेदार के घर ले गए। 16 अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर ट्रामा सेंटर लेकर गए, जहां एमआरआई जांच करवाने के बाद ट्रामा सेंटर से उसे 17 अगस्त को बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भेज दिया गया। पिता ने बताया कि यहां इलाज होने के बाद 18 अगस्त को कोविड टेस्ट भी कराया गया। 22 अगस्त को जैसे ही रिपोर्ट आई, उसे सुपर स्पेशियलिटी कांप्लेक्स में डाक्टरों ने भर्ती करा दिया। माता-पिता ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि घटना की जानकारी भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से डेढ़ से दो घंटे के बाद दी गई। ऐसा क्यों हुआ, यह भी समझ में नहीं आ रहा। अगर कोई बाहर से दवा लानी हो तो तुरंत जानकारी दी जाती थी। उधर अंकित के जीजा का कहना है कि मौत के बाद उसके सीने पर पट्टी बांधी गई थी, जिसके बारे में पूछने पर कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
एक झटके में टूट गया पिता का सपना
घर का इकलौता बेटा था अंकित, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बाबतपुर। अंकित अपने घर का इकलौता चिराग था। पिता जितेंद्र पाठक खेती-बाड़ी करके किसी तरह घर का खर्च चलाते हैं और बच्चे को पढ़ा रहे थे। उनका सपना था कि बेटा बड़ा होकर पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करेगा और घर की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। लेकिन एक झटके में उनका सपना अधूरा रह गया। बेटे की मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है। वह बार-बार बीएचयू प्रशासन को कोस रहे थे और शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। बाबतपुर कैथोली निवासी अंकित पाठक (21) बारहवीं का छात्र था। सोमवार की सुबह घर पर सगे संबंधियों की भीड़ लगी रही। मां माधुरी और छोटी बहन प्रीति भी बार-बार अंकित का नाम लेकर बेहोश हो जा रही थीं।
अंकित के दिन में कूदने के प्रयास का वीडियो वायरल
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती अंकित के रविवार दिन में चौथी मंजिल से कूदने के प्रयास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नीचे खड़े सुरक्षाकर्मियों, अन्य मरीज के परिजनों द्वारा उसे मना किया जा रहा है। हालांकि रात में वह जब कूदा तो किसी को इसकी जानकारी नहीं लग पाई।
अस्पताल के एमएस बोले- मानसिक रोग से ग्रसित था मरीज
रविवार को दिन में भी किया था कूदने का प्रयास तो दवा देने के साथ हुई थी काउंसलिंग
वाराणसी। सोमवार को दोपहर में अस्पताल के एमएस डॉ. एस के माथुर ने वीडियो जारी कर पूरे प्रकरण पर सफाई दी। उनका कहना है कि मरीज मानसिक रोगी था और उसका बेहतर इलाज किया जा रहा था। डॉक्टर माथुर ने बताया कि मरीज का व्यवहार असामान्य था और वह बेड छोड़कर दूसरे मरीजों के पास चला जाता था। 23 अगस्त की सुबह भी कूदने का प्रयास किया, जिसके बाद दवा देने के साथ-साथ काउंसिलिंग भी की गई। डॉक्टर माथुर के मुताबिक मरीज को कोविड का हल्का संक्रमण था, ऐसे में उसके परिजनों को अस्पताल आकर उससे बातचीत करने की जानकारी दी गई थी। उसे घर पर रखकर इलाज करने को भी कहा गया, लेकिन मरीज के परिजनों ने इंकार कर दिया और अस्पताल में ही इलाज करने की बात कही।
नहीं कम हो रही लापरवाही, बीएचयू की साख पर लग रहा कलंक
वाराणसी। बीएचयू कैंपस में 430 बेड के सुपर स्पेशियलिटी कांप्लेक्स में जिस तरह से लापरवाही सामने आती जा रही है, उससे कहीं ना कहीं बीएचयू की साख पर कलंक लग रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बेहतर सुविधाओं का दावा किया जाता है लेकिन घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। कोविड काल में मरीजों को समय से भर्ती न करने, इलाज की अव्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। बीएचयू अस्पताल में अगस्त महीने में ही लापरवाही की चार बड़ी घटनाएं हो चुकी हैँ।