गले में गोल्ड मेडल और चेहरे पर उसकी स्वर्णिम आभा...। सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के 99वें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले हर मेधावी का चेहरा सोने की चमक और खुशियों से दमक उठा।
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बीएचयू जैसे शैक्षणिक संस्थान से न सिर्फ उपाधि हासिल करना बल्कि अपनी मेहनत और लगन की बदौलत गोल्ड मेडल हासिल करना, उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा था।
मन में खुशियों का समंदर इस बात पर भी उमड़ा क्योंकि उनकी इस मेहनत से उनके मां-पिता गौरवान्वित थे। अपने बच्चों की सफलता से उनका सिर भी गौरव से ऊंचा और सीना चौड़ा हुआ जा रहा था।
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सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एंफीथिएटर ग्राउंड में आयोजित 99वें दीक्षांत समारोह में 24 मेधावियों को मुख्य अतिथि भारतरत्न प्रो. सीएनआर राव के हाथों गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
समारोह में कंप्यूटर साइंस से एमएससी की छात्रा शिखा दुबे और शास्त्री के छात्र चंद्रकांत पांडेय को तीन स्वर्ण पजक (चांसलर, बीएचयू और स्वर्गीय महाराजा विभूति नारायण सिंह) से नवाजा गया।
समारोह में 26 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिलना था लेकिन दो छात्राएं अनुपस्थित रहीं। दीक्षांत समारोह में 10614 स्नातकों को उपाधि वितरित की गई। अध्यक्षता कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने की।
इसके पहले पूरे शान से शिष्टयात्रा ने दीक्षांत पंडाल में प्रवेश किया। राष्ट्रगान के बाद महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण, मंगलाचरण और कुलपति से कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और कुलगीत से हुआ।
स्वागत आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने किया। संचालन प्रो. पद्मिनी रविंद्रनाथ और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय ने किया।