विशिष्ट अतिथि रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने कृषि क्षेत्र के समक्ष उपस्थित प्रमुख चुनौतियों में उत्पादन वृद्धि एवं स्थायित्व, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, संसाधन उपयोग दक्षता, कृषि लाभ प्रदता आदि की चर्चा की और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने की बात कही।
डॉ. राम बदन सिंह ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों के समन्वय की बात कही। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह, प्रो.उदय प्रताप सिंह, प्रो. श्रवण कुमार सिंह ने जलवायु-अनुकूल किस्मों के विकास, जैव विविधता संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन अपने विचार रखे।