फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू ओपीडी : ऑनलाइन बुकिंग बढ़ा रहा मरीजों का मर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल की ओपीडी में डाक्टर को दिखाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करने वालों की एप पर बुकिंग हो जा रही है। संबंधित विभाग से उन्हें टाइम स्लॉट भी मिल रहा है। जब डाक्टर को दिखाने की तैयारी कर रहे हैं तो उसके पहले ही बुकिंग निरस्त होने का मैसेज आ रहा है। इस तरह की व्यवस्थागत खामियों की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को दुबारा बुकिंग करानी पड़ रही है। इस तरह की समस्या लिए मरीज हर दिन अस्पताल भी पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल में 23 मार्च से बंद ओपीडी 141 दिन बाद 10 अगस्त को खुली। यहां विभागवार 25 ऑनलाइन बुकिंग और 25 मरीज ऑफलाइन (टेलिमेडिसिन) देखने की व्यवस्था की गई है। हालत यह है कि ऐप पर बुकिंग कराते समय तो लोगों की बुकिंग हो जा रही है। डॉक्टर को दिखाने का टाइम स्लॉट भी मिल रहा है। लोग बुकिंग सक्सेस होने का प्रिंट भी निकाल ले रहे हैं। समस्या यह है कि डाक्टर को दिखाने से पहले ही बुकिंग निरस्त हो जा रही है और इसका मैसेज भी मोबाइल पर आ रहा है। ऐसे में दूरदराज से इलाज के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टर को दिखाने के लिए लोगों को दुबारा बुकिंग करनी पड़ रही है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह हो रही है कि जब संबंधित विभाग में जगह रहेगी तभी मिलेगी।
कैसे हो रही है बुकिंग
नियमानुसार एप खोलने पर बुक लिखा ऑप्शन आ रहा है। मतलब कि लोग बुकिंग कर सकते हैं। जिन विभागों में संबंधित दिन जगह नहीं है, उस पर कुछ नहीं लिखा आ रहा है। अब जब बुकिंग हो रही है, रसीद भी मिल रही है तो बुकिंग रद्द क्यों हो रही है, लोग समझ नहीं पा रहे हैं। बुकिंग रद्द होने पर 25 लोगों से अधिक संख्या लिखकर ईमेल आ रहा है। सवाल यह है कि आखिर जब विभाग में जगह खाली नहीं है तो आखिर कैसे बुकिंग सक्सेस हो जा रही है और मरीजों को टोकन नम्बर, टाइम स्लॉट मिल जा रहा है।
विज्ञापन

केस वन
चंदौली निवासी नंदलाल यादव ने बीएचयू में हृदय रोग विभाग में दिखाने के लिए 18 अगस्त को ऑनलाइन बुकिंग कराई। उन्हें 24 अगस्त की ओपीडी का 3 से 4 बजे तक का समय भी मिल गया। 20 अगस्त को ओपीडी की बुकिंग कैंसिल होने का मैसेज आ गया। इसके बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि अब मजबूरी में दुबारा बुकिंग करानी पड़ेगी।
केस दो
छितूपुर निवासी डब्लू ने अपनी बहन को दिखाने के लिए 17 अगस्त को आनलाइन बुकिंग की। 21 को दोपहर 2 से 3 का समय भी मिला। बताया कि 20 अगस्त की रात ही बुकिंग रद होने का मैसेज मिला। बताया कि आखिर एप पर बुकिंग सक्सेस का मैसेज आने के बाद ऐसा क्यों हो रहा, समझ से परे हैं। ईमेल पर आए मैसेज की जानकारी तब हुई जब 21 अगस्त को अस्पताल डाक्टर को दिखाने गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें