वाराणसी। वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में आईआईटी बीएचयू और वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (वीएससीएल) मिलकर एक साथ काम करेंगे। इसको लेकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर के बाद अब आईआईटी में वर्चुअल सेंटर स्मार्ट सिटी सेल खुल गया हैं।
स्मार्ट सिटी के इस प्रोजेक्ट में शिक्षकों के साथ-साथ आईआईटी के छात्र भी अहम भूमिका निभाएंगे। इसमें आर्किटेक्चर, शहरी नियोजन, पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, गंगा कायाकल्प से संबंधित परियोजनाओं पर छात्र इंटर्नशिप कर सकेंगे। आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर पीके जैन के मुताबिक शहर के समग्र विकास में संस्थान के संकाय और छात्रों की भागीदारी का लाभ उठाना ही समझौते का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत संस्थान के विशेषज्ञ शहर में रणनीतिक परिवर्तन के लिए वीएससीएल द्वारा बनाई गई संरचनात्मक डिजाइन का सत्यापन और मूल्यांकन भी करेंगे। साथ ही सेंसर तैनाती और कई अन्य क्षेत्रों के बारे में भी काम होगा। इसके लिए विशेषज्ञ वीएससीएल में होने वाली तकनीकी चर्चा और गणित की बैठकों का हिस्सा बन कर अपनी राय दे सकेंगे।
जल संसाधन और प्रबंधन पर भी होगा काम
आईआईटी बीएचयू में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लांच वर्चुअल सेंटर के तहत जल संसाधन और उसके प्रबंधन पर भी काम होगा। साथ ही शहर के सटीक जल बजट का भी इसमें मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें इंटरनेट आफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्लाउड, डाटा एनालिसिस के साथ मिलकर शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। निदेशक ने बताया कि आईआईटी ने हाल ही में डेटा एनालिसिस और प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में डीएसटी के समर्थन से टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन हब स्थापित किया है। इसके अलावा शहर के क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और पैदल यात्री प्रबंधन पर भी काम होगा। उधर वीएससीएल के सीईओ गौरांग राठी ने संस्थान के विशेषज्ञों के साथ समय-समय पर वेबिनार सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर काम करने का सुझाव दिया। इसके बाद आईआईटी की तरफ से डॉक्टर अनुराग ओहरी, डॉ. अंकित गुप्ता, डॉक्टर शिशिर गौर और उधर वीएससीएल की तरफ से डॉ. डी वासुदेवन सहित विशेषज्ञों की टीम भी बनाई गई है।