विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान में एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर और पूर्व में प्रॉक्टर रहीं प्रो. रोयाना सिंह को पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी के कार्यकाल में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना के बाद तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह को हटाकर चीफ प्रॉक्टर बनाया गया था।
तब से लेकर अब तक कैंपस में चंदन के पेड़ चोरी से लेकर विभागों में छिटपुट चोरी की घटनाओं के साथ ही आए दिन मारपीट, आगजनी, तोड़फोड़, पथराव की घटनाएं होती रहीं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए छात्रों, सामाजिक, राजनीतिक संगठनों के लोग कार्रवाई की मांग करते चले आ रहे थे।
इसी बीच दो अप्रैल को परिसर में बिड़ला हॉस्टल के गेट के सामने एमसीए छात्र गौरव सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी प्रो. रोयाना सिंह पर साजिश रचने का मुकदमा दर्ज हुआ।