कारगिल विजय दिवस की याद में सोमवार को काशी ने अपना लहू देकर शहीद जवानों को नमन किया और इसका साक्षी बना काशी हिंदू विश्वविद्यालय। महामना की इस तपस्थली में उत्साही युवाओं ने पूरे जोशोखरोश से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। एनसीसी के कैडेट्स रहे हों या एनएसएस के स्वयंसेवक, सबने देश के लिए महादान किया। बीएचयू के छात्र-छात्राओं के साथ ही, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग शहीदों के सम्मान में रक्तदान करने यहां पहुंचे।
अमर उजाला फाउंडेशन और बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल ब्लड बैंक के सहयोग से कारगिल विजय दिवस पर आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ने मंगलवार को एक अलग ही कीर्तिमान स्थापित किया। अस्पताल के डॉक्टर्स लाउंज में सुबह से ही महादानियों की लाइन लग गई। एनएसएस बीएचयू के स्वयंसेवक और एनसीसी के कैडेट्स के अलावा महिला महाविद्यालय से लेकर कृषि विज्ञान संस्थान तक के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह से अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
यह शहीदों के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान ही था कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से भी लोग पहुंचे और महादान किया। न उम्र की फिक्र और न बीमारी की। कई को उम्र अधिक होने की वजह से रोक लिया गया तो कुछ को बीमारी की वजह से। कई एनेमिक निकल गए। ऐसे में उनके चेहरे पर मायूसी भी छाई लेकिन उनकी भावनाएं सम्मान करने लायक थीं।
इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का उद्घाटन ब्लड बैंक के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. केके गुप्ता, इंचार्ज डॉ. एसके सिंह, डिप्टी एमएस डॉ. आनंद श्रीवास्तव, एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीके शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. राजेश सिंह, बीरम चौरसिया आदि मौजूद रहे। ब्लड बैंक के स्टाफ में डॉ. निकिता केशरवानी, आशुतोष सिंह, रजनी, सुमित, शांति, संतोष, बीपी गिरी, ए जॉन, पूनम, विजय, प्रिया आनंद, समीर और राजीव ने सहयोग दिया।