बीएचयू की ज्योतिष ओपीडी अब स्पेशलाइज्ड हो गया। अब कुंडली से कर्मकांड तक एक छत के नीचे आठ सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए ज्योतिषियों का शेड्यूल जारी किया गया है।
बीएचयू में पहली बार ज्योतिष ओपीडी को अस्पताल की तर्ज पर आठ विषयों में स्पेशलाइज्ड कर दिया गया है। जन्म कुंडली, मुहूर्त तिथि, विवाह-मेलापक, वास्तु के आधार पर जमीन का नक्शा बनाने, मिट्टी में सुधार, रत्नधारण और कर्मकांड कराने वाले लोगों को बांटकर ज्योतिषी परामर्श और समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
मुहूर्त निकलवाने में 100 रुपये और प्रोफेसर ज्योतिषाचार्य को जिले से बाहर ले जाने पर 21 हजार और जिले में 11 हजार रुपये चुकाने होंगे। वाहन का खर्च अलग से देना होगा। इसमें 50 फीसदी दक्षिणा भी शामिल है। इससे पहले बीएचयू में सिर्फ कुंडली देखने और बनाने की ही सुविधा थी जिसकी फीस 100 रुपये ही होती थी। यह पिछले 16 साल यानी 2016 से चल रही थी।
बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ज्योतिष विभाग स्थित पंचांग यूनिट में इसका एक डेडिकेटेड एयरकंडीशंड कार्यालय भी बनाया गया है। यहां पर सप्ताह के छह दिन कक्षाएं पूरी होने के बाद शाम चार से पांच बजे तक ओपीडी चलाई जाती है। हर दिन करीब 10 लोग यहां आ रहे हैं।
विज्ञापन
100 रुपये में सबसे सस्ती सुविधा शादी-गृह प्रवेश के मुहूर्त
नई व्यवस्था में बीएचयू के ज्योतिषाचार्य से 100 रुपये में सबसे सस्ती सुविधा शादियों, गृह प्रवेश या दूसरे अनुष्ठानों के मुहूर्त तय करवा सकेंगे। वास्तुशास्त्रीय परामर्श में मिट्टी संशोधन के लिए 500 रुपये और मानचित्र संशोधन के लिए 1000 रुपये चुकाने होंगे। रत्न धारण और कर्मकांड से जुड़े परामर्श के लिए 250-250 रुपये देने होंगे। इसके अलावा जन्म कुंडली, वर्ष कुंडली और प्रश्न कुंडली से भविष्य जानने के लिए भी 250 रुपये ही जमा करने होंगे। इस फीस में 50 फीसदी हिस्सा ज्योतिषाचार्य को दक्षिणा के तौर पर दिया जाएगा बाकी विभाग और अन्य खर्च में रखा जाएगा। यानी कि 100 रुपये में मुहूर्त तय करवाने जाते हैं तो प्रोफेसर के खाते में 50 रुपये क्रेडिट होंगे, यही उनकी दक्षिणा होगी।
उपाय, राय और पूरी रिपोर्ट भी मिलेगी
विभागाध्यक्ष और ज्योतिष परामर्श केंद्र के समन्वयक प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी ने बताया कि स्पेशलाइज करने से लोगों के लिए अच्छा ये होगा कि जो जिस समस्या को लेकर आएगा, उसका ही समाधान दिया जाएगा। उपाय, राय और पूरी रिपोर्ट बनाकर दी जाती है। फॉलोअप के लिए दोबारा फीस देनी होगी, हालांकि महीने भर में ही दोबारा आने पर ऐसा नहीं होगा।
सात ज्योतिषाचार्यों का शेड्यूल जारी
ज्योतिष एवं कर्मकांड परामर्श केंद्र के समन्वयक की ओर से जारी नए शेड्यूल में सात प्रोफेसरों के नाम पर छह दिन की ओपीडी तय की गई है। इसमें रोज करीब 10 से 15 लोगों को ही देखा जा रहा है। सोमवार को प्रो. गिरिजाशंकर, मंगलवार को प्रो. विनय कुमार पांडेय व डॉ. रामेश्वर शर्मा, बुधवार को प्रो. रामजीवन मिश्र, बृहस्पतिवार को प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी व डॉ. रामेश्वर शर्मा, शुक्रवार को प्रो. सुभाष पांडेय और शनिवार को डॉ. सुशील कुमार गुप्ता परामर्श देंगे।