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बीएचयू : 5 दिन में डिप्लोमा कोर्स में आवेदन होगा शुरू, तैयारियां पूरीं

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बीएचयू 5 दिन में डिप्लोमा कोर्स में आवेदन होगा शुरू, तैयारियां पूरीं 50 से ज्यादा कोर्स होंगे, चुनिंदा कोर्स में बाहरी भी ले सकेंगे एडमिशन
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उर्दू ट्रांसलेशन, पॉपुलेशन स्टडी और आयुर्वेद के कई कोर्स नहीं होंगे इस बार

अमर उजाला ब्यूरो

वाराणसी। बीएचयू में 4-5 दिन में ही पीजी डिप्लोमा में एडमिशन शुरू हो जाएंगे। दो दिन में बुलेटिन अपलोड होगा। 50 से 55 कोर्स में प्रवेश लिया जाएगा। वहीं, चुनिंदा सीटों पर ही बीएचयू से बाहर के अभ्यर्थियों को एडमिशन दिया जाएगा। बीएचयू में यूजी-पीजी में एडमिशन बंद होने के बाद अब हजारों अभ्यर्थियों को महीनों से डिप्लोमा कोर्स का इंतजार है। परीक्षा नियंता कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, डिप्लोमा कोर्स की तैयारियां पूरी हो गईं हैं।



डिप्लोमा कोर्स में अभ्यर्थियों का झुकाव ज्योतिष, मेडिकल, पंचकर्मा, पेंटिंग, हैंडीक्राफ्ट और योग आदि कोर्स की ओर ज्यादा रहता है। वहीं, आयुर्वेद की कई विधाओं में डिप्लोमा करने वालों की संख्या काफी कम रहती हैं। कई बार तो सीटें ही खाली रह जाती हैं। ऐसे में इन कोर्स को भी इस बार बंद कर दिया गया है। जैसे उर्दू ट्रांसलेशन एवं मास मीडिया में पीजी डिप्लोमा, कॉरपोरेट गवर्नेंस, कॉरपोरेट सोशल, आयुर्वेद में अग्नि कर्मा, उपाश्मि चिकित्सा से पीजी डिप्लोमा, पॉपुलेशन स्टडी में एक साल का पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्स हैं। इन सभी कोर्स को हालिया हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बंद कर दिया गया है। इस बार के डिप्लोमा नोटिफिकेशन मेंं इन्हें नहीं रखा गया है।
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यूजी-पीजी में उर्दू-पाली में खाली रह जाती हैं सीटें



बीएचयू में यूजी-पीजी की कुल 450 सीटें खाली रह गईं हैं। मेन कैंपस में कम, लेकिन संबंद्ध कॉलेजों में खाली सीटों की संख्या ज्यादा है। इन खाली रह गईं सीटों में लैंग्वैज कोर्स का बड़ा हिस्सा है। तेलगु, बांग्ला, मराठी, उर्दू, पाली, पर्शियन, अरेबिक, नेपाली आदि भाषाओं में बड़ी मुश्किल से अभ्यर्थी एडमिशन को मिलते हैं। इन भाषाओं में ही काफी सीटें खाली रह जाती हैं।

हिंदी सबसे ज्यादा डिमांडिंग

पीजी में सबसे ज्यादा डिमांडिंग हिंदी है। इसमें एडमिशन लेने वालों की संख्या बाकी सभी कोर्स से ज्यादा होती है। हिंदी के बाद विज्ञान और अंग्रेजी, संस्कृत, दर्शन शास्त्र भी अभ्यर्थियों के बीच काफी डिमांडिंग कोर्स है।
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विदेशी भाषा में जर्मन-फ्रेंच के प्रति झुकाव ज्यादा



विदेशी भाषाओं में जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश को लेकर छात्रों का झुकाव काफी ज्यादा रहता है। बाकी चाइनीज, जैपनीज, रसियन भाषा के कोर्स के एडमिशन लेना आसान है।
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