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बीएचयू पुरातन छात्र समागम शुरू, छात्रों ने उठाया हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से भेदभाव का मामला  

Fri, 17 Jan 2020 02:12 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताते छात्र - फोटो : amar ujala
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय का पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम उद्घाटन सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान छात्रों ने कुलपति द्वारा बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से भेदभाव का मुद्दे पर आवाज बुलंद की। आयोजन के दौरान छात्र अपनी मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर खड़े हो गए। 

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बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से भेदभाव के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पहले धरना-प्रदर्शन, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से शिकायत के बाद अब शहर भर में कुलपति के विरोध के पोस्टर चस्पा किये जा रहे हैं। करीब बीस से अधिक छात्रों की टीम इस कार्य में देर रात तक पोस्टर चस्पा करने में लगी रही। इस विरोधी की आंच से बीएचयू का यह प्रतिष्ठित आयोजन भी नहीं बच सका।

समागम में विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र पुरानी स्मृतियों और अनुभवों को साझा कर रहे हैं। ‘21वीं सदी के भारत में उच्च शिक्षा और महामना की दृष्टि’ विषयक संगोष्ठी में मंथन भी किया जा रहा है। इससे पहले गुरुवार शाम तक प्रसिद्ध खगोलविद् पद्मविभूषण प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर समेत ज्यादातर पुरा छात्र बनारस पहुंच गए।
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हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताते छात्र - फोटो : amar ujala

उन्होंने बीएचयू कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। कई अपने-अपने संकाय भी गए और वहां की मौजूदा स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने वहां के शिक्षकों और वर्तमान विद्यार्थियों के साथ मिलकर संकाय की प्रगति की जानकारी ली।

संगोष्ठी में शुक्रवार को उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वह नहीं आ सके। जस्टिस गिरिधर मालवीय बीमार होने के कारण समारोह में नहीं आ रहे हैं। 18 जनवरी को समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि पुरा छात्र व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय रहेंगे। डिजिटल भुगतान एवं चेक के माध्यम से ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। अपने कार्यक्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले करीब 1500 पुरा छात्र सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
 

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हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताते छात्र - फोटो : amar ujala

प्रमुख उपस्थिति

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में भारतीय प्रशासनिक सेवा से डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अमरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रजनीश दुबे, भारतीय जनसंचार संस्थान के प्रो. आनंद प्रधान, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह, राजीव गांधी विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा, दक्षिणी बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचसीएस राठौर, डॉ. ऋचा चोपड़ा, प्रो. राजेश सिंह, प्रो. बीके त्रिपाठी, यूजीसी से डॉ. अर्चना ठाकुर, आरबीआई के सौरभ प्रताप सिंह आदि भाग लेंगे।
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