बीएचयू और सीएसआईआर-निस्टैडस (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) के बीच शुक्रवार को सहमति बन गई। अब शोध क्षेत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रौद्योगिकी, शोध आदि से जुड़ी नई जानकारी मिल सकेगी।
ऑनलाइन कार्यक्रम में बीएचयू से कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और सीएसआईआर की निदेशक डॉ. रंजना अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शोध परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर भी इस दौरान चर्चा हुई। नई पहल से विज्ञान प्रौद्योगिकी संबंधी तैयारियों के साथ ही संयुक्त परियोजनाएं, सहयोगात्मक अनुसंधान के क्षेत्र में काम होगा।
कुलसचिव ने बताया कि इस पहल से शोध छात्रों के लिए नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने कहा कि इस नए कदम से बीएचयू के छात्रों को सीएसआईआर द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान के निदेशक प्रो. ए एस रघुवंशी, प्रबंधन अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. एसके दुबे ने दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की चर्चा की। कंप्यूटर सेंटर के संयोजक प्रो. विवेक सिंह ने कहा कि साइंस स्टडीज के संयुक्त केंद्र की स्थापना के लिए मिलकर दोनों संस्थान काम कर सकते हैं। सीएसआईआर-निस्टैडस की निदेशक डॉ. रंजना अग्रवाल ने कहा कि संस्थान ने सरकारी और अंतरराष्ट्रीय कई परियोजनाओं पर काम किया है। यहां की लाइब्रेरी आप में अनूठी है।