बीएचयू के कोचिन हाउस को नरेंद्र देव कप
गुलदाउदी के फूल और कोलियस और हरी रंग की पत्तियों के लिए बीएचयू के केंद्रीय पौधशाला के गार्डेन इंचार्ज को सर्वश्रेष्ठ सम्मान काशी हिंदू विश्वविद्यालय कप और शील्ड पुरस्कार दिया गया। गुलाब के कटे फूल के लिए छावनी परिषद को काशी हिंदू विश्वविद्यालय कप दिया गया। वहीं आईआईटी बीएचयू को गुलाब के कटे फूल के लिए बीएचयू शील्ड सम्मान मिला।
महामना 150वीं जयंती कप के लिए श्री विश्वनाथ मंदिर बीएचयू और शील्ड के लिए धीरेंद्र कन्या महाविद्यालय को विजेता घोषित किया गया। मंडुआडीह की दूसरी नर्सरी को फलों के लिए बीएचयू कप और बीएचयू के कोचिन हाउस को शाकभाजी में बेहतर प्रदर्शन के लिए आचार्य नरेंद्र देव कप दिया गया।
हर पेशे से जुड़े लोगों के परिश्रम को सम्मानित करना जरूरी
पुष्प प्रदर्शनी में तीन दिनों तक बागवानी की समृद्ध परंपरा, जैविक रूप से उगाई गई सब्जियां, गमलों में उगाए गए औषधीय पौधे, मसाले और पुष्प कला की विविध झलकियां देखने को मिलीं। मुख्य अतिथि आईआईटी-बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र और हर पेशे से जुड़े लोगों के परिश्रम को पहचानना और सम्मानित करना बहुत जरूरी है। क्योंकि ऐसा सम्मान उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। प्रो. सरफराज आलम ने प्रदर्शनी की रिपोर्ट प्रस्तुत की।