यहां से मंजूरी मिली और फिर 30 नवंबर 2019 को एग्जीक्यूटिव काउंसिल से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद नए पाठ्यक्रम में आवेदन भी छात्रों ने किया था। संकाय प्रमुख ने बताया कि कुछ लोगों ने भ्रम फैलाया तो आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों को स्थापित किए जाने के लिए सरकार को पत्र भी भेजा गया था।
संकाय में नाड़ी एवं प्रकृति परीक्षा के लोकप्रियता के कारण पूरे देश में हर आयुर्वेदिक महाविद्यालय में ओपीडी चलाने के लिए वैद्य सुशील कुमार दूबे द्वारा 12 दिसंबर 2019 को प्रस्ताव पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी के माध्यम से आयुष मंत्रालय को भेजा गया था।
मंत्रालय ने 9 जनवरी 2020 को ओपीडी चलाने की दिशा में भी पहल कर प्रस्ताव को केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद को निर्देशित किया था। अब गजट नोटिफिकेशन के बाद जल्द ही तीन नए पाठ्यक्रम के साथ ही नाड़ी, प्रकृति परीक्षा भी जल्द ही शुरू की जाएगी।