पहले भाइयों को शाप दिया फिर जीभ पर चुभाए कांटे
- फोटो : अमर उजाला
यम द्वितीया पर शनिवार को बहनों ने भाइयों के प्रति स्नेह की अभिव्यक्ति अनूठे अंदाज में की। भाई दूज पर व्रत रखकर बहनों ने पहले तो भाइयों के लिए भला-बुरा कहा, फिर जीभ पर गुम भटकैया के कांटे चुभाए। गंगा तट, कुंडों पर गोधन कूटने के लिए महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा।
पद्म पुराण में इस व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है। कहा गया है कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को यम की पूजा कर यमुना में स्नान करने वाला कभी यमलोक की यातना नहीं सहता। उसे यम यातना से मुक्ति मिल जाती है।
भैया-दूज पर गंगा महल घाट के पास स्नान के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। यम द्वितीया को इस घाट पर स्नान यमुना स्नान के बराबर माना जाता है। गंगा स्नान के बाद महिलाओं ने घाटों, कुंडों के अलावा सड़कों की पटरियों पर समूहों में वेदियां बनाकर पूजा की।
इस दौरान गोधन कूटने के साथ ही पहले भाइयों को शाप दिए गए। फिर बहनों ने अपनी जीभ में कांटे चुभोकर प्रायश्चित भी किया। इसके बाद समूहों में महिलाओं ने गोधन कूटा।
पुष्कर तालाब, बउलिया, चांदपुर, मंडुवाडीह, लोहता, ककरमत्ता, ईश्वरगंगी, रामकुंड, लक्ष्मीकुंड समेत शहर के कई इलाकों में यम द्वितीया पर पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। इस दौरान पौराणिक कहानियां सुनने के साथ ही गीत भी गाए गए।
भाइयों की लंबी उम्र के लिए मांगी मन्नतें
भाई दूज
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ग्रामीण इलाकों में शनिवार को भाई दूज का पर्व उत्साह से मनाया गया। युवतियों और महिलाओं ने व्रत रख कर यम देव का पूजन किया और अपने भाइयों के लिए लंबी उम्र की प्रार्थना की। साथ ही भाइयों को मिठाई खिलाकर उनकी आरती भी उतारी।
चौबेपुर के रामलीला मैदान और क्षेत्र के अजांव, कैथी, धौरहरा, मुनारी, भगतुआ, जाल्हूपुर कादीपुर आदि गांवों में महिलाओं ने मंगलगीतों के साथ यम देव की पूजा की। आराजीलाइन, ढढोरपुर, जयापुर, कृष्णदत्तपुर, जक्खिनी, सिहोरवा और नरोत्तमपुर और मिर्जामुराद क्षेत्र के गौर, चक्रपानपुर, प्रतापपुर, बहेड़वा, खजुरी और रोहनिया इलाकों में भी भइया दूज मनाई गई।
ऐसे ही बड़ागांव, बसनी, कुआर, साधोगंज, अनेई, कूडी और दानगंज क्षेत्र के अजगरा, बेला, उधोरामपुर, हाजीपुर, धरसौना, हरदासीपुर, मदनावीर आदि गांवों में धूमधाम से भइया दूज का पर्व मनाया गया।