NIA की पूछताछ के बाद BHU की दो छात्राएं
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घबराए कॉलोनी के लोग
लखनऊ व बिहार नंबर की दो गाड़ियों से आई एनआईए की टीम व पुलिस की मौजूदगी से महामनापुरी कॉलोनी के लोग घबराए हुए थे। कॉलोनी की संकरी सड़क में एनआईए के दो वाहन खड़े होने के कारण लोगों को आने-जाने में असुविधा भी हो रही थी। जब तक एनआईए की टीम आकांक्षा और सिद्धि के आवास पर रही, तब तक जितने मुंह उतनी चर्चाओं का दौर चलता रहा।
कोई डरा नहीं सकता, आवाज उठाते रहेंगे
एनआईए की टीम के जाने के बाद बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय से एमफिल कर रही आकांक्षा आजाद ने बताया कि वह झारखंड के गिरीडीह की रहने वाली हैं। उनके साथ सामाजिक विज्ञान संकाय की एमए की छात्रा व चौकाघाट क्षेत्र की सिद्धि और नई दिल्ली की इप्शिता रहती हैं। इप्शिता फिलहाल घर गई है। बीते 27 अगस्त को देश भर में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आवाज बुलंद की थी। इसके एक सप्ताह बाद तीन राज्यों की एनआईए की टीम ने छापा मारा। इसका विरोध करते हैं। कोई हमें डरा नहीं सकता है। देश में नया ट्रेंड चल पड़ा है। जब कोई सत्ता के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे नक्सली या आतंकवादी घोषित करने की मुहिम शुरू हो जाती है। आगे भी छात्र हित और समाज हित के लिए लड़ते रहेंगे।