इस तरह से करते थे धोखाधड़ी
एएसपी ने बताया कि अभियुक्त वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर समूह बनाकर फर्जी निवेश, कार्य आधारित कमाई और शेयर बाजार से संबंधित वेबसाइट चलाते थे। वे लोगों को कम समय में अधिक लाभ का लालच देते थे। इसके लिए एपीके फाइलें भेजते थे, मोबाइल हैक करते थे और विदेशी नंबरों से फर्जी क्यूआर या लिंक उपलब्ध कराते थे। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में मंगाकर एटीएम, यूपीआई और अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकाल लिया जाता था।
पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार करा लिया गया है। मामले में अभी तीन वांछित है। जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं साइबर ठगों का अन्य किन नेटवर्क से संपर्क है। इसका पता लगाया जा रहा है। - शुभम अग्रवाल, एएसपी।