हेमंत ने इससे पहले जनवरी-2018 को टाटा-मुंबई मैराथन में सातवां, दो दिसंबर 2018 को आयोजित पुणे इंटरनेशनल मैराथन में तीसरा और गत 24 फरवरी को दिल्ली में आयोजित आईडीबीआई मैराथन में पांचवां स्थान बनाने में सफल हुए थे। उनकी काबिलियत पर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने स्वयं उनसे मुलाकात कर हौसला अफजाई की।
कपूरपुर के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हेमंत यादव दिसंबर 2013 में सेना में भर्ती हुए। इससे पूर्व उनकी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सुरियावां के सेवाश्रम इंटर कॉलेज में हुई। यहां खेल शिक्षक राजेंद्र तिवारी ने उनकी प्रतिभा को तरासने में खास भूमिका निभाई। हेमंत के चचेरे बड़े भाई ट्रेजरी भदोही में एकाउंटेंट के पद पर तैनात मथुरा यादव बताते हैं कि सेना में जाने से पहले हेमंत में मैराथन की स्टेमिना गजब की थी, लेकिन संसाधनों और माहौल के अभाव में कोई समझ नहीं पाया। स्कूल स्तर पर भी वह बेहतर खिलाड़ी रहा है।
जब सचिन ने कहा- ‘आप मुझसे बेहतर’
गत फरवरी में दिल्ली में आयोजित आईडीबीआई मैराथन में स्थान बनाने के बाद क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मंच पर आकर हेमंत से हाथ मिलाया और उन्हें बधाई दी। कहा कि आपने 42 किलोमीटर मैराथन पूरा किया, इसके लिए बहुत बधाई। इसमें आप और आर्मी के कोच का बहुत बड़ा योगदान है। भदोही जैसी एक छोटी जगह के रहने वाले होकर भी आपने से बहुत बड़ा काम किया। हम क्रिकेटर हैं, लेकिन आप कहीं बेहतर हो, क्योंकि आप एक मैराथन रनर हो।