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ठगों के नए जाल से रहें सावधान: व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लड़की करती है अश्लील हरकत, फिर मांगते हैं लाखों रुपए

Fri, 10 Mar 2023 08:32 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

छोटी गैबी के रहने वाले एक निजी बैंक के अधिकारी ने अपने बाथरूम में टाइल्स लगवाने के लिए ऑनलाइन सर्च किया था। उसके बाद उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कहा गया कि आपके बाथरूम में जो टाइल्स लगनी है, उसके लिए जगह दिखा दें। वह बाथरूम दिखाने गए तो एक लड़की निर्वस्त्र होकर उनसे बातचीत करने लगी।
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अश्लील वीडियो देख जान दी
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विस्तार
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यदि आप लुभावने ऑफर या अपरिचित से दोस्ती से नहीं करेंगे तो साइबर अपराधी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। साइबर अपराध से बचाव खुद की सतर्कता ही है। हालांकि, कुछ लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंस जा रहे हैं। इस समय वीडियो कॉल, किरायेदार और ओटीपी साझा करके ठगी की घटनाओं को साइबर अपराधी अंजाम दे रहे हैं।

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व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल को उठाते ही साइबर अपराधियों का काम शुरू होता है। जबकि किरायेदार, सैन्यकर्मी बनकर भी ठगी कर रहे हैं। पिछले कुछ माह में इस तरह की दर्जनों घटनाएं साइबर सेल में पहुंची हैं। अधिकतर मामलों में पीड़ितों का पैसा बैंक खाते में होल्ड कराते हुए रकम वापस कराई गई। वहीं कुछ मामलों में साइबर अपराधियों की तलाश जारी है।
साइबर सेल के प्रभारी के अनुसार व्हाट्सएप पर आपका अश्लील वीडियो बनाकर ठग गूगल पे, पेटीएम य अन्य माध्यम पर पैसों की मांग करते हैं। पैसे नहीं देने पर वह अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देंगे। अगर आपने गलती से पैसे दे दिया तो आपसे और पैसे की मांग करेेंगे। साइबर सेल में पिछले कुछ माह में ऐसे मामले बढ़े हैं।
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साइबर सेल के प्रभारी के अनुसार वीडियो कॉल वाली लड़की बताती है कि वो हाईप्रोफाइल है और दोस्ती करना चाहती है। उसका मकसद आपको ज्यादा देर तक फोन पर इंगेज करना होता है। इसके लिए लड़की तमाम तरह की अश्लील हरकतें भी करती है। कई लोग ऐसी काल आते ही समझ जाते हैं, और कॉल रिसीव नहीं करते। जबकि कई लोग इस झांसे में फंस जाते हैं। फोन कटने के बाद जालसाज उस शख्स के अश्लील वीडियो बना लेते हैं। ऐसे झांसों में न खुद फंसे और न दूसरों को फंसने दें। अपराधी बाकायदा जाल बिछाकर ऐसे शिकार करते हैं। अपराध का ये ट्रेंड तेजी से चल रहा है। अगर आप ऐसे अपराधियों का शिकार हो गए हैं तो डरें नहीं बल्कि पुलिस थाने में साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं।

अश्लील वीडियो का कारोबार - फोटो : अमर उजाला
फर्जी बैंक खाता का करते हैं उपयोग
एक्सपर्ट शांतनु सिंह ने बताया कि जालसाज फेक बैंक अकाउंट का उपयोग करते हैं। ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाला गैंग पूरे देश में सक्रिय है। ज्यादातर लड़के और लड़कियां ब्लैकमेलिंग के धंधे में लगी हुई हैं। यह देर रात तक ऑनलाइन रहने वाले नंबरों पर नजर गड़ाए रखते हैं। जानकारी जुटाने के बाद फोन का खेल शुरू होता है। फोन व्हाट्सएप या मैसेंजर पर आता है, जिसमें नंबर फ्लैश नहीं करता।


केस-एक

शिवपुर के रहने वाले रिटायर्ड कृषि वैज्ञानिक के व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल उठाते ही लड़की अर्धनग्न हो गई और जब तक कृषि वैज्ञानिक कुछ समझ पाते कि लड़की वीडियो बना ली। कुछ समय बाद व्हाट्सएप नंबर पर वही वीडियो आकर गिरा। लड़की ब्लैकमेल करते हुए पैसे की मांग की। पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल की धमकी दी। इस डर के कारण कृषि वैज्ञानिक ने कई बार में तीन लाख रुपये गंवा दिए। ज्यादा पैसे की मांग पर उन्होंने साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कराया।

केस-दो

बीएचयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर के व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो कॉल करके अनजान युवती ने बातचीत की। दूसरे दिन प्रोफेसर के मोबाइल पर युवती ने बातचीत का पूरा वीडियो रिकार्ड करके भेज दिया। यह वीडियो देखते ही प्रोफेसर परेशान हो गए। डर के मारे परिजनों को भी नहीं बताया और युवती के दिए हुए बैंक खाते में पैसे भेजते रहे। मांग ज्यादा होने पर सहमते हुए लंका थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। करीब डेढ़ लाख रुपये ठगों ने हड़प लिए।

 
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साइबर क्राइम - फोटो : सोशल मीडिया
केस-3

छोटी गैबी के रहने वाले एक निजी बैंक के अधिकारी ने अपने बाथरूम में टाइल्स लगवाने के लिए ऑनलाइन सर्च किया था। उसके बाद उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कहा गया कि आपके बाथरूम में जो टाइल्स लगनी है, उसके लिए जगह दिखा दें। वह बाथरूम दिखाने गए तो एक लड़की निर्वस्त्र होकर उनसे बातचीत करने लगी। इसके बाद उसने कॉल कर बैंक अधिकारी को सोशल मीडिया में बदनाम करने की धमकी देते हुए 30 हजार रुपये ऐंठ ली। इसके बाद पांच लाख रुपये और मांग रही थी।

उपाय

पासवर्ड यूनीक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।

पासवर्ड में अपर केस, लोअर केस, नंबर और स्पेशल करैक्टर का कांबिनेशन रखें।

कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदलें। इससे सुरक्षित रहेंगे।

प्राइमरी ईमेल एड्रेस को कभी सोशल मीडिया साइट के लिए उपयोग न करें।

अगर अकाउंट आप इस्तेेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।

हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले सॉफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।

अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व बैंक खाता का नंबर न दें।

कोई क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है, तो उसकी सत्यता जांच करें।

चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड को सत्यापन के बिना साझा न करें।

बचाव

अपनी किसी भी जानकारी को पब्लिक प्लेटफार्म जैसे कि सोशल मीडिया पर साझा न करें।

सोशल मीडिया साइट के लिए ऑफिशियल ईमेल का इस्तेमाल न करें।अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी भी पासवर्ड में न करें।

एक ही पासवर्ड का प्रयोग विभिन्न सेवाओं, वेबसाइट और एप में न करें।

अपने क्रेडिट व डेबिट की जानकारी वेब ब्राउजर में सेव न करें।

निजी बैंक व बैंकिंग विवरण को किसी के साथ फोन या ईमेल, एसएमएस के जरिये शेयर न करें।

असुरक्षित वाईफाई का इस्तेमाल करने से बचें। शॉपिंग के लिए उसका इस्तेमाल भी न करें।

आप अपने जरूरी डाक्यूमेंट को हमेशा एक्सटर्नल ड्राइव में बैकअप लें।

सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से प्राप्त फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें।
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