शिवांजलि परिक्रमा, आरती और फूलों से भव्य शृंगार के साथ शुक्रवार को तीन दिवसीय महामृत्युंजय महोत्सव का आगाज हो गया। परिक्रमा के दौरान ऊं नम: शिवाय का उद्घोष गूंज रहा था। सुसज्जित रथ पर भगवान शिव की नयनाभिराम झांकी मन मोह रही थी। मृत्युंजय महादेव का दुग्धाभिषेक कर शांति और कल्याण की कामना की गई। भोर में मृत्युंजय महादेव का रंग-बिरंगे फूलों से शृंगार किया गया।
शृंगारिया मुकुंदलाल कुशवाहा,पं. मुकुंद उपाध्याय और महंत पं. मोहन लाल दीक्षित के नेतृत्व में शृंगार के बाद बाबा की भोग आरती हुई। इसके बाद मैदागिन स्थित गोरक्षनाथ मंदिर से सुबह सात बजे बाजेगाजे के साथ शिवांजलि परिक्रमा निकाली गई। प्रतीक संस्थान के साथ हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, एसएस शिशु विहार समेत कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं कतारबद्ध होकर चल रहे थे। मैदागिन, पराड़कर भवन, भैरव नाथ मंदिर चौराहा से होकर परिक्रमा यात्रा मृत्युंजय महादेव मंदिर पहुंची। वहां दुग्धाभिषेक कर बाबा को श्रद्धाभाव अर्पण किया गया। इसके बाद दारानगर होते हुए परिक्रमा यात्रा गोरक्षनाथ मंदिर पहुंची। वहां अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। परिक्रमा यात्रा में डॉ. पवन कुमार शास्त्री, डॉ. मृदुल मिश्र, रविशंकर सिंह, आनंद मौर्या, रामलला, रामबाबू, विनोद कुमार, डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्र, राजेंद्र गुप्त, लाला रामकिशुन, गोपाल दास चौरसिया, संदीप मौर्य, स्वाति मिश्रा, रुचि, डॉ. देवी प्रसाद कुंवर, प्रियंका तिवारी समेत तमाम लोग शामिल थे।