नई सरकार से नए रुख से सरकारी मशीनरी अपने काम की शैली बदलने लगी है। मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक से लौटने के बाद गुरुवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने विकास कार्यों की प्रगति जानने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर उनके पेंच कसे। करीब चार घंटे चली बैठक में कमिश्नर ने उन्हें टास्क देते हुए साफ कहा-मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों को पूरा करने के लिए 30 जून की टाइमलाइन निर्धारित की है, उसे पूरा करने में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों को लगने लगा है कि उन्हें वर्तमान कार्य संस्कृति बदलनी पड़ेगी। अधिकारियों के रुख से लगा कि रथयात्रा मेले के ठीक पहले विकास यात्रा का रथ तैयार करने का संकल्प ले लिया है।
शाम पांच बजे के बाद शुरू बैठक में कमिश्नर ने रिंग रोड, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, पुल, सड़क आदि विकास कार्य निर्धारित समय पूरा करने पर जोर दिया। जैसी आशंका थी, अधिकारियों ने खुद की गर्दन फंसने से बचाने के लिए काम में आने वाली अड़चनों को गिनाना शुरू किया तो कमिश्नर ने कहा कि विभागों में आपसी समन्वय बनाकर काम समय पर पूरा कराएं। फिर भी समस्या दूर न हो तो तत्काल बताएं। बैठक में बनारस के डीएम योगेश्वर राम मिश्र, चंदौली डीएम कुमार प्रशांत, एसएसपी नितिन तिवारी, वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव, नगर आयुक्त डॉ. हरि प्रताप शाही के अलावा सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे।
---
निर्माणाधीन पुल, आरओबी, फ्लाईओवर में कराएं चौबीस घंटे काम
सेतु निगम के अधिकारियों को सामने घाट, बलुआ घाट, मंडुवाडीह आरओबी 30 जून तक पूरा कराने के लिए चौबीस घंटे तीन शिफ्ट में काम कराने की हिदायत दी। चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर को हर हाल में मार्च 2018 तक पूरा कराने को कहा। कार्यदायी संस्थाओं को कमिश्नर ने चेताया कि मई में मुख्यमंत्री बनारस के विकास कार्य की प्रगति को देखने आ सकते हैं। उस समय वह स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। हर 15 दिनों की कार्य प्रगति रिपोर्ट और फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नदेसर, तेलियाबाग, सिगरा, रथयात्रा भेलूपुर, रवींद्रपुरी तक फ्लाईओवर निर्माण का डीपीआर सेतु निगम से 15 दिन में मांगी। शिवपुर अतुलानंद से फुलवरिया होते हुए लहरतारा, मंडुवाडीह, डीएलडब्ल्यू, नरिया फोरलेन फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी है। मार्च 2019 तक इसे पूरा किया जाना है। 366.27 करोड़ की लागत से फुलवरिया फोरलेन के निर्माण की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने प्रदान की है। सेतु निगम को काम शुरू कराने को कहा। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी एसएसपी को दी गई।
82.15 हेक्टेयर की ट्रांसपोर्ट नगर योजना को मूर्तरूप देने के लिए यूपीएसआईडीसी के अधिकारी संग बैठक कर आ रही समस्या का हल निकालने की जिम्मेदारी वीडीए उपाध्यक्ष को दी। इसी तरह सर्किट हाउस और मंडलायुक्त सभागार के बीच 19.48 करोड़ की लागत से 2517 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले टू लेवल के मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण कार्य को शुरू कराने को कहा।
रिंग रोड और एनएच पर फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में मुआवजे की राशि मंडल के चारों जिलों में प्रतिदिन शिविर लगाकर बांटने को कहा। इसकी प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट भी मांगी। बताया गया कि वाराणसी में 700, गाजीपुर में 450, जौनपुर में 400 और चंदौली में 26 करोड़ की धनराशि मौजूद है। इसे एक माह में बांटना है। रिंग रोड के प्रथम चरण में 16.50 किमी और दूसरे चरण में 43.06 किमी कार्य होना है।
इको ग्रीन संस्था की ओर से कूड़ा से बिजली बनाने की योजना पर कहा कि संस्था को मात्र लीज पर जमीन दी जाएगी। बाकी परियोजना पर खर्च होने वाली 150 करोड़ की धनराशि संस्था स्वयं वहन करेगी। कमिश्नर ने नगर आयुक्त को भूखंड चिह्ति करने को कहा। बिजली विभाग को निर्देश दिया कि उत्पादित बिजली खरीदने के बाबत पावर परपज कार्यक्रम की कार्ययोजना बना लें।
शहर की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमिश्नर ने कैंट के सामने पाइप लाइन लीकेज से पेयजल सप्लाई प्रभावित होने की जानकारी पर जल निगम को शनिवार से मरम्मत काम शुरू कराने के निर्देश दिए। भूमिगत वायरिंग कार्य की प्राथमिकता पर कराने के लिए आईपीडीएस के अधिकारियों को निर्देश दिया। रामनगर में निर्माणाीधन बंदरगाह के निर्माण कार्य को अगस्त 2018 तक पूरा कराने को कहा है। इसके लिए भूखंड समस्या को दूर कराने की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी गई।
शहर में बनने वाले 5 धोबी घाटों में से 2 के लिए स्थान नहीं होने और 7 सामुदायिक शौचालयों के लिए जमीन न होने से काम प्रभावित होने पर नगर आयुक्त को जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा पांच हेक्टेयर भूखंड पर पशु आश्रय केंद्र के रूप में कान्हा उपवन बनाने के लिए भी आयुक्त से कहा। तब तक दो हेक्टेयर उपलब्ध जमीन पर पीपीपी के तहत इसे संचालित किया जाए। शहर के सभी 90 वार्डों में गांधी जयंती पर दो अक्तूबर तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के लिए नगर आयुक्त को कार्ययोजना बनाकर काम करने के साथ रिपोर्ट तलब की है।