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बाटला हाउस एनकाउंटर: आतंकी आरिज को फांसी की सजा होते ही परिवार में छायी खामोशी, नसीरपुर में पसरा सन्नाटा

Mon, 15 Mar 2021 09:00 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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आरिज खान - फोटो : ANI
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बाटला हाउस एनकाउंटर समेत लखनऊ व अन्य कई बड़े शहरों में हुए बम धमाकों में दोषी आरिज उर्फ जुनैद को सोमवार को दिल्ली के साकेत न्यायालय ने फांसी की सजा सुना दी। सोमवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद स्थित गांव व शहर के आवासों पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा था। आतंकी आरिज के परिजनों के साथ ही घरों के आसपास के लोग भी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। आरिज के चाचा डॉ. फकरे आलम रोज की भांति अपने नसीरपुर स्थित क्लिनिक पर मौजूद रहे और मरीजों को देखते रहे।

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आरिज उर्फ जुनैद मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव का निवासी है। शहर के जालंधरी मुहल्ले में भी उसका एक घर है, जहां उसके एक चाचा परिवार के साथ रहते हैं। 2008 में दिल्ली में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर में इसका नाम सामने आया था। आतंकी आरिज का परिवार काफी पढ़ा लिखा है। पिता जफरे आलम की 2009 में मौत हो चुकी है। एक चाचा बदरे आलम आईएएस थे तो दूसरे चाचा डॉ. फकरे आलम चिकित्सक हैं। वे परिवार के साथ कोट बाजबहादुर मुहल्ले में स्थित आवास में रहते हैं और गांव नसीरपुर में डिस्पेंसरी चलाते हैं।

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आरिज को फांसी की सजा होने के बाद आजमगढ़ में जालंधरी मुहल्ला स्थित चाचा के घर के बाहर पसरा सन्नाटा। - फोटो : अमर उजाला
इसी डिस्पेंसरी पर आरिज का भाई साबिज भी रहता है। एक और भाई शारिक दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता है। 2018 में आरिज की नेपाल बार्डर से गिरफ्तारी के बाद से ही परिजनों ने उसके मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। आठ मार्च को दिल्ली के साकेत न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया था। सजा के लिए 15 मार्च की तिथि नियत की थी। सोमवार को सुबह से ही आरिज के परिजन व गांव के लोग सजा की जानकारी को लेकर उत्सुक जरूर थे, लेकिन वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे।

समाचार चैनलों पर जैसे ही आतंकी आरिज को फांसी की सजा सुनाने की बात सामने आई। उसके परिजनों व रिश्तेदारों के घरों के दरवाजे बंद हो गए। मीडिया तो क्या इस मुद्दे पर वे किसी से कुछ भी बात करने से कतराते नजर आए। आरिज उर्फ जुनैद को इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों पर फायर कर फरार होने का आरोप था, जिसमें सोमवार को उसे फांसी की सजा साकेत न्यायालय ने सुनाई है।

पढ़ाई के दौरान गलत शोहबत का हुआ शिकार
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बाटला कांड के बाद चर्चा में आया आतंकी आरिज उर्फ जुनैद शुरू से ही काफी होशियार था। घर से बाहर रह कर वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान वह गलत शोहबत में आ कर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया। आज जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका आरिज कई बम विस्फोटों के साथ ही बाटला कांड में मारे गए इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा पर फायर करने का दोषी भी है।
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