आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में आग की घटना पर प्रशासन के कड़े रुख के बाद अब विकास प्राधिकरण ने अभियान चलाकर शहर के सभी मल्टीस्टोरी भवनों की जांच करने की तैयारी की है। इसके लिए ऐसे भवनों की जोनवार सूची तैयार कराई जा रही है।
शहर में अधिकतर बहुमंजिली इमारतें ऐसी हैं, जहां बेसमेंट में कहीं गोदाम बने हैं तो कहीं दूकानें। वीडीए और नगर निगम के अधिकारियाें की मिलीभगत के चलते शिकायतों के बावजूद इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शहर भर में बनी ऐसी बहुमंजिली इमारतों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर बेसमेंट में बनाई गई दूकानें और गोदाम तोड़े जाएंगे।
दरअसल, बहुमंजिली इमारतों के बेसमेंट का उपयोग वहां आने-जाने वालों को निशुल्क पार्किंग सुविधा मुहैया कराने में किया जाना चाहिए लेकिन वीडीए और नगर निगम की अनदेखी से यहां मनमाने तौर पर पार्किंग शुल्क की वसूली कराई जाती है।
अधिकतर जगहों पर आधे हिस्से में पार्किंग तो आधे हिस्से में दुकानें और गोदाम बनवाए गए हैं। यह सिर्फ एक ही मॉल या बहुमंजिली इमारत में नहीं है बल्कि शहर की अधिकतर ऐसी इमारतों में हालात ऐसे ही हैं।
सिगरा इलाके में ही कई ऐसी बहुमंजिली व्यवसायिक इमारतें हैं जहां पार्किंग के नाम पर शुल्क लिया जाता है। विशेश्वरगंज, भेलुपुर, गोदौलिया, लक्सा, नई सड़क, चेतगंज, पांडेयपुर, पहड़िया, मैदागिन, लोहटिया, लहुराबीर, इंग्लिशिया लाइन स्थित बहुमंजिले भवनों के बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे का कहना है कि बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। जहां भी ऐसा पाया जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जोनल अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि ऐसे सभी भवनों को चिह्नित करें।