विद्युत कर्षण 100 वर्ष पूरा होने पर सूर्य सरोवर पर तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। भारतीय रेलवे में विद्युत कर्षण के 100 साल पूरा होने पर बरेका के सूर्य सरोवर परिसर में तीन दिवसीय प्रदर्शनी सोमवार से शुरू हो गई। इसमें बरेका में बनाए गए विद्युत रेल इंजन से जुड़ी आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान महाप्रबंधक नरेशपाल सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में दो इंजनों से बरेका में विद्युत रेल इंजन बनाने की शुरुआत हुई, जो कि अब आठ साल में 2250 इंजन बनाने का कीर्तिमान बरेका के पास है।
बरेका के विद्युत विभाग द्वारा सूर्य सरोवर पर 5 फरवरी तक चलने वाली प्रदर्शनी के माध्यम से बरेका में बनने वाले विद्युत रेल इंजन से जुड़े उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई है। साथ ही लोगों को इससे जुड़ी अहम जानकारियां भी दी गईं। इसमें 100 वर्षों के विद्युतीकरण की यात्रा को दर्शाने वाले दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेज, फोटोग्राफ और लोकोमोटिव्स के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। महाप्रबंधक ने बताया कि इंटरेक्टिव इंफोग्राफिक्स डिस्प्ले के माध्यम से 100 वर्षों की विद्युत लोको यात्रा की झलकियां एवं भविष्य की रेलवे तकनीकों की जानकारी भी लोगों को मिलेगी।
कार्यक्रम में बरेका कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए आयोजित निबंध, चित्रांकन और क्विज प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय रेल में विद्युत कर्षण के 100 वर्ष पूर्ण करना मील के पत्थर के समान है। इस यात्रा ने हमें ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली की ओर बढ़ाया है। उप मुख्य विद्युत इंजीनियर एसके सिंह ने सभी अतिथियों और आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान एसके श्रीवास्तव, रजनीश गुप्ता, विवेकशील, विनोद कुमार शुक्ल मौजूद रहे।