22 जनवरी को शादी है। 18 जनवरी को अखबारों से पता चला कि पुलिस और प्रशासन की अनुमति के बगैर सड़क पर बारात नहीं निकाल सकते। आतिशबाजी नहीं कर सकते। अब हम शादी की तैयारी करें या फिर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के दफ्तर का चक्कर काटें। यह समस्या लेकर कई लोग वाराणसी में कलेक्ट्रेट परिसर में परेशान घूमते दिखे।
इस बीच प्रवासी भारतीय सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियों में व्यस्त होने के कारण अफसरों के न मिलने पर आवेदन पत्र लेकर आए कई लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने 17 जनवरी को प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। एसपी ट्रैफिक के अनुसार 21 से 23 जनवरी तक आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर 19 से 24 जनवरी के बीच शहर की सड़कों पर मजिस्ट्रेट के बगैर अनुमति के बारात नहीं निकलेगी और आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी।
जिला पुलिस के अनुसार नगर क्षेत्र में 203 मैरिज लॉन हैं। इन लॉन में 20 जनवरी को 22, 21 जनवरी को 24, 22 जनवरी को 61 और 23 जनवरी को 25 वैवाहिक समारोह आयोजित हैं। एसपी ट्रैफिक के नए फरमान को लेकर शनिवार को कई लोग जिलाधिकारी, एडीएम सिटी, अपर नगर मजिस्ट्रेटों और क्षेत्राधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटते नजर आए।
अनुमति लेने आए लोगों का कहना था कि कहीं ऐसा न हो कि अनुमति न मिले तो पुलिस बारात रुकवा कर सभी को गिरफ्तार कर ले। एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह का कहना है कि संबन्धित मजिस्ट्रेट की ओर से अनुमति दी जाएगी।