वाराणसी। इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक मेंविलय करने के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने शनिवार को विरोध-प्रदर्शन किया। नदेसर कार्यालय पर प्रदर्शन के साथ ही रविंद्रपुरी स्थित बैंक की शाखा से कैंडल मार्च निकालकर कर्मचारियों ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
आल इंडिया इलाहाबाद बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले रविंद्रपुरी से पीएम संसदीय कार्यालय होते हुए अस्सी घाट तक मार्च निकालकर सरकार के इस फैसले के विरोध में नारेबाजी की गई। अस्सी घाट पर सभा को संबोधित करते हुए यूपी इकाई के महासचिव एमपी सिंह ने कहा कि बैंकों के विलय से रोजगार का अवसर तो कम होगा ही कई शाखाओं पर एटीएम भी बंद हो जाएंगे। इस वजह से बैंक कर्मचारियों की छटनी की संभावना भी है। कहा कि इलाहाबाद बैंक सबसे पुराना बैंक है, 24 हजार कर्मचारी कार्यरत है, इस कदम के बाद उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। इस दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गई तो देशव्यापी हड़ताल करने को बाध्य होंगे। मंडलीय सचिव विजय यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से ही बैंकिंग की हालत खस्ता होती जा रही है। आर्थिक मंदी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इस दौरान उपसचिव अमित सिंह, दीपक गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे।
मलदहिया शाखा स्थानांतरण का विरोध
इलाहाबाद बैंक मलदहिया शाखा के इंगलिशिया लाइन में स्थानांतरण पर खाताधारकों ने विरोध जताया। दोपहर में नदेसर कार्यालय पर प्रदर्शन कर लोगों ने उप महाप्रबंधक शशांक जैन को ज्ञापन सौंपा। बताया कि शाखा के स्थानांतरण होने से परेशानियां बढ़ जाएंगी। बताया कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो सामूहिक रूप से सुरक्षा व अन्य कारणों से सभी चालू खाता धारक,बचत खाता,मियादी जमा व लॉकर को इलाहाबाद बैंक से हटाकर दूसरे बैंक में संबद्ध कर देंगे। रामभजन अग्रहरि, रजनीश कनौजिया, इलियास अहमद, विनोद अग्रहरि, श्याम ओझा आदि ने बताया कि उपमहाप्रबंधक ने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर निर्णय लेने की बात कही।